More
    Homeधर्म-समाजश्रीमहावीर जी : महावीर जन्म कल्याणक पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब,...

    श्रीमहावीर जी : महावीर जन्म कल्याणक पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब, मेले की तैयारियां जोरों पर

    श्रीमहावीर जी में देश भर से आते है श्रद्धालु

    सुनील जैन, जयपुर ।

    जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक महोत्सव को लेकर पूरे जैन समाज में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है। 30 मार्च को आयोजित होने वाले इस पावन अवसर पर श्री महावीर जी में देशभर से श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया है। मंदिर परिसर और मेले क्षेत्र में तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।

    अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी के प्रतिष्ठाचार्य मुकेश जैन ने बताया कि भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक जैन धर्म का प्रमुख पर्व है, जिसे अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं। विशेष रूप से भगवान की चमत्कारी एवं अतिशयकारी प्रतिमा का प्रक्षालन, अभिषेक और विधि-विधान से पूजन किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि जन्म कल्याणक महोत्सव के तहत देशभर के शहरों और कस्बों में भव्य शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। जयपुर में भी विशाल शोभायात्रा आयोजित होगी, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेंगे। यह सवारी शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी और पूरे वातावरण को भक्तिमय बना देगी। श्रद्धालु भक्ति गीतों, जयकारों और पारंपरिक वेशभूषा के साथ भगवान महावीर के संदेश,अहिंसा, सत्य और करुणा को जन-जन तक पहुंचाएंगे।

    इस दौरान लगने वाला श्री महावीरजी मेला भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। मेले में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन भी होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि वे सुरक्षित और सहज रूप से दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर सकें।

    प्रतिष्ठाचार्य का आह्वान

    प्रतिष्ठाचार्य  मुकेश जैन ने समस्त जैन समाज एवं श्रद्धालुजनों से इस पावन अवसर पर अधिकाधिक संख्या में श्री महावीर जी पहुंचकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव केवल आस्था का प्रतीक नहीं, अपितु भगवान महावीर के मानवता, शांति और सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का पवित्र अवसर है। उन्होंने सभी से भगवान महावीर के उपदेशों को अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करने की अपील भी की।

    भगवान महावीर: संक्षिप्त परिचय

    भगवान महावीर स्वामी का जन्म ईसा पूर्व 599 में वैशाली (बिहार) के क्षत्रिय कुंडग्राम में हुआ था। उनके बचपन का नाम वर्धमान था। 30 वर्ष की आयु में उन्होंने गृहत्याग कर 12 वर्षों की कठोर साधना के बाद कैवल्य ज्ञान प्राप्त किया और जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर के रूप में प्रतिष्ठित हुए। उनके पंचशील सिद्धांत — अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह — आज भी मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। उनका निर्वाण 527 ईसा पूर्व में पावापुरी (बिहार) में हुआ था।

    श्री महावीर जी तीर्थ: ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व

    राजस्थान के करौली जिले में स्थित श्री महावीर जी जैन धर्म के प्रमुख अतिशय क्षेत्रों में से एक है। यह स्थान गंभीरी नदी के किनारे बसा हुआ है और यहां स्थापित भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा को चमत्कारी एवं अतिशयकारी माना जाता है। प्रतिवर्ष चैत्र माह में यहां विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें देश के कोने-कोने से जैन और हिंदू श्रद्धालु आकर दर्शन-लाभ प्राप्त करते हैं। यह मेला राजस्थान के सबसे बड़े धार्मिक मेलों में गिना जाता है।

    मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
    https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1

    अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

    https://missionsach.com/category/india

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here