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    इंदौर अग्निकांड: पुगलिया परिवार का बयान बदला, हादसे के दिन कार थी चार्जिंग पर

    इंदौर: शहर के तिलक नगर थाना क्षेत्र के बृजेश्वरी एनएक्स में हुए अग्निकांड में नए-नए खुलासे हो रहे हैं. पुलिस परिवार के सदस्यों सहित पड़ोसियों के बयान ले रही है. वहीं बीते दिनों पुलिस को 6 साल के तनय का धड़ भी मिल गया, जिसे पुलिस ने चुपचाप दफना दिया था. वहीं अब सामने आ रहा है कि मनोज पुगलिया के बेटों ने पूछताछ में यह कबूल किया है कि इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर लगी थी. जबकि कुछ दिनों पहले सौरभ पुगलिया ने कार चार्जिंग पर लगी होने की बात को नकारा था. इसके अलावा पुलिस ने कुछ और खुलासे भी किए हैं.

    पुलिस ने परिवार, पड़ोसी और प्रत्यक्षदर्शियों के लिए बयान

    ब्रजेश्वरी एनएक्स अग्निकांड वाले मामले में मृतक मनोज पुगलिया के परिवार के बयान बदल गए हैं. पहले जहां मनोज पुगलिया के बेटे बेटे सौरभ पुगलिया ने कहा था कि घटना की रात इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर नहीं लगी थी, वहीं अब पुलिस पूछताछ में अपने बयान से मुकर गए. घटनाक्रम में पुलिस ने कारोबारी मनोज की पत्नी सुनीता, तीनों बेटे सौरभ, सोमिल, हर्षित और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए.

    चार्जिंग पर लगी थी इलेक्ट्रिक कार

    जहां पूछताछ में कारोबारी के बड़े बेटे सौरभ ने बताया कि घटना वाले दिन कार चार्जिंग पर लगी थी, लेकिन थोड़ी देर बार उसने चार्ज होने के चलते कार को चार्जिंग से हटा दिया था. वहीं दूसरे छोटे बेटे हर्षित ने पूछताछ में बताया कि उसने रात करीब 11 बजे के आसपास ईवी कार को चार्ज पर लगाया था. हर्षित के बयान के बाद यह बात साफ हो गई है, कि कार चार्जिंग पर लगी थी.

    टेक्निकल साक्ष्यों से पुष्टि, सब्जीवाले का बयान दर्ज

    एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में पीड़ित परिवार, पड़ोसी प्रत्यक्षदर्शियों और रेस्क्यू ऑपरेशन में जो लोग शामिल थे, उन सभी के बयान दर्ज कर लिए गए हैं. जहां अभी तक यह स्पष्ट है कि कार चार्जिंग पर लगी थी, इसकी पुष्टि टेक्निकल साक्ष्यों के साथ आसपास के लोगों और मनोज पुगलिया के बेटों द्वारा भी की गई है. एडिशनल डीसीपी ने यह भी बताया कि इन सब के अलावा एक सब्जी वाले का भी बयान दर्ज किया गया है.

    सब्जीवाले ने पत्थर मारकर जगाया

    उन्होंने बताया कि क्षेत्र में लगे सीसीटीवी में एक सब्जीवाला जाता हुआ दिखा था, उसकी पहचान करके उससे बात की गई, जहां उसने बताया कि वो उस दिन चौइथराम सब्जीमंडी जाने के लिए निकला था, तभी उसने घर में आग लगते हुए देखा और पत्थर फेंककर परिवार को जगाया. उसके बाद परिवार वाले आग बुझाने और बाहर निकलने की कोशिश में लग गए.

    बहू को बचाने चले गए थे मनोज पुगलिया

    पड़ोसी भारत जैन ने बताया कि जब मुझे आग लगने की जानकारी मिली तो मैं तुरंत छत पर गया, जहां देखा मनोज और उनके परिवार बाहर निकलने का प्रयास कर रहा था. इस दौरान मनोज के तीनों बेटों और उनकी पत्नी को अपनी बालकनी में सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया था. जबकि मनोज वापस अपनी बहू सिमरन को बचाने के लिए चले गए. मामले में पश्चिम विद्युत वितरण कंपनी की रिपोर्ट व फॉरेंसिक विभाग की रिपोर्ट का मिलान किया जा रहा है.

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