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    ‘मैं बोलने से नहीं डरती’—रीत पड्डा का ट्रोल्स को करारा जवाब

    आदित्य धर की ‘धुरंधर: द रिवेंज’ बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ रही है। फिल्म को कई सेलेब्स से भी प्रशंसा मिल रही है। हालांकि, इस बीच फिल्म पर प्रोपेगेंडा होने के आरोप भी लग रहे हैं। अब ‘सैयारा’ फेम अनीत पड्डा की बहन रीत पड्डा ने भी ‘धुरंधर 2’ को लेकर कुछ ऐसा कहा है, जो चर्चाओं में बना हुआ है। रीत ने ‘धुरंधर 2’ के साथ ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘केरल स्टोरी’ जैसी फिल्मों पर भी अपनी राय रखी है।

    चर्चा में आया रीत का यूजर्स को रिप्लाय करने वाला पोस्ट

    दरअसल, रीत पड्डा ने रणवीर सिंह की ‘धुरंधर: द रिवेंज’ को एक प्रोपेगेंडा फिल्म बताया। यही नहीं उन्होंने प्रियंका चोपड़ा को ऑस्कर के मंच पर दुनिया में छिड़े युद्ध की आलोचना न करने पर भी आड़े हाथ लिया। विवाद तब शुरू हुआ जब रीत ने एक पोस्ट का जवाब दिया, जिसमें उनके विचारों पर सवाल उठाए गए थे।अब उनके जवाब के स्क्रीनशॉट वायरल हो रहे हैं। इन वायरल स्क्रीनशॉट में रीत का कहना है, 'सोशल मीडिया पर किसी कमेंट का जवाब देना – चौंकाने वाला है, मुझे पता है। आम तौर पर, मैं ऐसा नहीं करती, क्योंकि यहां किसी का मन बदलने की कोशिश करना बिल्लियों को गणित सिखाने जैसा है।लेकिन चूंकि आपने मेरी द्वारा पोस्ट की गई हर छोटी-मोटी बात पर प्रतिक्रिया देने में अपना कीमती समय लगाया है, तो मैंने सोचा, क्यों न मैं भी जवाब दे ही दूं? चलिए एक-एक करके बात करते हैं, ताकि मैं आपकी मेरे रुख से जुड़ी समस्याओं को समझने की कोशिश कर सकूं।'

    सरकार के समर्थक के तौर पर काम करती है ‘धुरंधर 2’

    रणवीर सिंह की 'धुरंधर: द रिवेंज' और अनुपम खेर की 'द कश्मीर फाइल्स' को प्रोपेगेंडा कहने पर अब रीत ने कहा कहा, 'धुरंधर के मामले में यह सचमुच सरकार समर्थक कहानी के रूप में काम करती है। जिसमें राजनीतिक भाषणों का इस्तेमाल नोटबंदी जैसी छोटी-मोटी गड़बड़ को जायज ठहराने के लिए किया गया है।

    इसे प्रोपेगेंडा ही कहते हैं। लेकिन शायद प्रचार की आपकी परिभाषा अलग हो।' यही नहीं रीत ने आगे ‘द केरल स्टोरी’ जैसी फिल्मों में दिखाए गए आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘ऐसा लगता है कि इन फिल्मों में कुछ मनगढ़ंत आंकड़े दिखाए गए हैं- 32,000 महिलाओं ने इस्लाम धर्म अपना लिया।जबकि असलियत में इनकी संख्या कुछ सौ के आसपास ही है। खैर, प्रचार ऐसे ही तो होता है। सच्चाई का एक छोटा सा अंश लो, उसमें कुछ बेतुके ढंग से बढ़ाए गए आंकड़े मिला दो और अचानक एक समुदाय के खिलाफ पूरी कहानी तैयार हो जाती है।’

    मैंने कभी नहीं कहा समस्याएं नहीं हैं

    रीत ने आगे अपनी प्रतिक्रियाओं पर स्पष्टिकरण दिया और उन पर सवाल उठाने वालों से जमीनी हकीकत जानने की बात कही। अपने को कश्मीरी पंंडित बताने वाले एक यूजर को जवाब देते हुए रीत ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि आप कश्मीरी पंडित हैं। आप कुछ भी कहेंगे। मैंने कभी नहीं कहा कि समस्याएं मौजूद नहीं हैं, लेकिन ये फिल्में स्पष्ट रूप से एक खास तरह की कहानी को आगे बढ़ाती हैं।उससे अलग होना शायद वैकल्पिक है। मैं किसी जानकार व्यक्ति से 'वास्तविक' जमीनी हकीकत सुनना चाहूंगी। काश आप गुमनाम अकाउंट के पीछे न छिपे होते। आपने एक भी ऐसा निजी अनुभव क्यों नहीं साझा किया जो वास्तव में मायने रखता हो? इसे लॉजिकल वैरिफिकेशन कह लीजिए। 

    धर्म की आड़ में की जाने वाली राजनीति का विरोध करती हूं

    अपने व्यापक दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए अनीत पड्डा की बहन ने आगे कहा कि मैं कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं करती, क्योंकि मैं इंसान हूं। मैं बेझिझक अपनी बात रखती हूं, भले ही बाकी सब लोग 'नहीं नहीं!' चिल्ला रहे हों।मैं उन राजनीतिक हस्तियों के खिलाफ भेदभाव करती हूं जो धर्म को राजनीति में घसीटते हैं, खासकर तब जब उन्हीं राजनेताओं ने 2002 में मुसलमानों के नरसंहार को अंजाम दिया था। यह आतंकवाद है, यह अपराध है और मैं इसका विरोध करूंगी।क्या कोई इस विषय पर बनी फिल्म को बिना जांच-पड़ताल के पास होने देगा? शायद नहीं। तो हां, मैं व्यक्तियों के साथ भेदभाव नहीं करती। लेकिन मैं धर्म की आड़ में की जाने वाली राजनीतिक बेईमानी के खिलाफ भेदभाव करती हूं। और मैं बोलने से नहीं डरती, भले ही बहुमत को यह पसंद न आए।

    प्रियंका चोपड़ा की चुप्पी पर भी उठाया सवाल

    इसी दौरान रीत पड्डा ने ऑस्कर के मंच पर चुप्पी पर भी सवाल उठाया। प्रियंका चोपड़ा पर किए गए अपने कटाक्ष का भी जिक्र किया, खासकर ऑस्कर में उनके उस पल के लिए, जब उन्होंने इस्राइल-फिलिस्तीन युद्ध पर कोई टिप्पणी नहीं की थी।खासकर तब जब प्रियंका के साथ मंच पर पहुंचे अभिनेता जेवियर बार्डेम ने युद्ध की निंदा करते हुए कहा था, 'युद्ध नहीं, फ्री फिलिस्तीन।' इस पर अनीत ने कहा कि प्रियंका चोपड़ा को एक अवैध युद्ध का विरोध करने का मौका मिला और उनके बगल में एक व्यक्ति युद्ध के खिलाफ खड़ा था। लेकिन प्रियंका इस बात पर ताली तक नहीं बजा सकीं।

    मानवाधिकार की कार्यकर्ता हैं रीत पड्डा

    अनीत पड्डा के पोस्ट से ज्यादा अब उनके ये जवाब वायरल हैं और चर्चा का विषय बन रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाली रीत ने अपना अकाउंट प्राइवेट कर लिया है और इंस्टाग्राम से अपनी डीपी हटा दी है। रीत ‘सैयारा’ से सुर्खियां बटोरने वाली अभिनेत्री अनीत पड्डा की बहन हैं। जबकि रीत पेरिस में मार्केटिंग एक्सपर्ट के रूप में काम करती हैं। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, वह मानवाधिकार और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता भी हैं।

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