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    विजयपत सिंघानिया का निधन: रेमंड के पूर्व चेयरमैन के पीछे छोड़ी बड़ी संपत्ति

    देश के दिग्गज उद्योगपति और रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का शनिवार शाम मुंबई में 87 साल की उम्र में निधन हो गया। दरअसल उनके परिवार ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है। जानकारी दे दें कि रेमंड समूह के वर्तमान चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने पिता के निधन की जानकारी साझा की है। दरअसल सिंघानिया का निधन भारतीय उद्योग जगत के लिए एक बड़ी क्षति है, क्योंकि वे न केवल एक सफल कारोबारी थे, वह एक कुशल पायलट भी थे।

    दरअसल विजयपत सिंघानिया अपने पीछे लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित संपत्ति छोड़ गए हैं। बता दें कि यह राशि उनके जीवनकाल में की गई संपत्ति हस्तांतरण के बावजूद उनकी विशाल व्यावसायिक विरासत का प्रतीक है। दरअसल साल 2015 में, सिंघानिया ने रेमंड समूह में अपनी पूरी 37 प्रतिशत हिस्सेदारी अपने बेटे गौतम सिंघानिया को ट्रांसफर कर दी थी। इस बड़े हस्तांतरण के बाद से, कंपनी की बागडोर पूरी तरह गौतम के हाथों में आ गई थी।

    रेमंड समूह का नेतृत्व लगभग दो दशकों तक संभाला

    दरअसल विजयपत सिंघानिया ने रेमंड समूह का नेतृत्व लगभग दो दशकों तक संभाला है। उन्होंने वर्ष 1980 में चेयरमैन का पद संभाला और साल 2000 तक इस पद पर बने रहे। वहीं उनके कार्यकाल में रेमंड ने कपड़ा उद्योग में एक नई पहचान बनाई और देश के प्रमुख वस्त्र ब्रांड्स में शामिल हो गया। सिंघानिया की नेतृत्व क्षमता और दूरदृष्टि ने रेमंड को एक छोटे उद्यम से एक राष्ट्रीय पावरहाउस में बदल दिया। उन्होंने 1991 के आर्थिक उदारीकरण से पहले ही कंपनी को कड़ी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर दिया था, जिससे रेमंड बदलती बाजार परिस्थितियों में भी मजबूती से टिकी रही और अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखी।

    विजयपत सिंघानिया और उनके बेटे गौतम सिंघानिया के बीच संपत्ति विवाद भी रहा

    हालांकि, उनके जीवन में एक दौर ऐसा भी आया जब विजयपत सिंघानिया और उनके बेटे गौतम सिंघानिया के बीच संपत्ति और कंपनी के नियंत्रण को लेकर कानूनी विवाद सामने आया। यह विवाद कुछ साल पहले मीडिया की सुर्खियों में रहा और इसने उद्योग जगत में काफी हलचल मचाई थी। दरअसल पिता और पुत्र के बीच के इस मतभेद ने पारिवारिक संबंधों और व्यावसायिक विरासत के जटिल मुद्दों को उजागर किया। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और यह मामला सुलझा लिया गया, जिससे परिवार और कंपनी दोनों को आगे बढ़ने का अवसर मिला।

    वहीं रेमंड समूह के प्रवक्ता के अनुसार, विजयपत सिंघानिया का अंतिम संस्कार रविवार को मुंबई में किया जाएगा। उनके निधन को भारतीय उद्योग जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

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