लोकतंत्र का हो रहा ‘सिस्टेमैटिक मर्डर’: टीकाराम जूली
जयपुर। टीकाराम जूली ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राजस्थान में लोकतांत्रिक संस्थाओं का सुनियोजित तरीके से दमन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना रायशुमारी के बने मुख्यमंत्री को चुनाव से डर है, इसलिए प्रदेश में लोकतंत्र का “सिस्टेमैटिक मर्डर” किया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वर्तमान सरकार समय पर पंचायती राज चुनाव नहीं करा पा रही है, जिससे ग्रामीण विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनावों में देरी के कारण केंद्र सरकार से मिलने वाले करीब 1800-1900 करोड़ रुपये के फंड पर भी संकट मंडरा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की विकास योजनाएं ठप पड़ सकती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल ग्रामीण ही नहीं, बल्कि शहरी निकायों के चुनाव भी टाल रही है, जिससे जनता के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। निर्वाचित प्रतिनिधियों के अभाव में आमजन को अपने छोटे-बड़े कामों के लिए परेशान होना पड़ रहा है और प्रशासनिक तंत्र के माध्यम से काम चलाया जा रहा है।
टीकाराम जूली ने आगे कहा कि सरकार शैक्षणिक और खेल संस्थाओं में भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बच रही है। राजस्थान विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे युवाओं की आवाज दबाई जा रही है। वहीं, राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में भी चुनाव कराने के बजाय एडहॉक व्यवस्था लागू कर मनमाने फैसले लिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि “पर्ची” से बनी सरकार को चुनावी प्रक्रिया से परहेज होना स्वाभाविक है। उनका आरोप था कि मुख्यमंत्री का चयन लोकतांत्रिक प्रक्रिया से नहीं, बल्कि पार्टी स्तर पर “पर्ची” के जरिए किया गया, इसलिए सरकार अन्य संस्थाओं में भी निष्पक्ष चुनाव नहीं कराना चाहती।
जूली ने कहा कि प्रदेश की जनता देख रही है कि किस तरह एक-एक कर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और लोकतंत्र के पहियों को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
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