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    सावधान! LPG बुकिंग के फर्जी मैसेज से खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट

    भोपाल|एलपीजी की कमी के चलते लोग सिलेंडर भरवाने के लिए लंबी-लंबी लाइनों में लगने को मजबूर हैं. इसी का फायदा उठाते हुए मध्य प्रदेश में साइबर ठग भी एक्टिव हो गए हैं. साइबर ठगों ने एलपीजी बुकिंग को ठगी का नया तरीका बना लिया है. लोगों को शिकार बना रहे ये ठग अर्जेंट एलपीजी बुकिंग, लिमिटेड स्टॉक, डिस्काउंट ऑफर और गैस कनेक्शन बंद करने या काटे जाने जैसे मैसेज भेज रहे हैं|

    हजारों-लाखों रुपये की ठगी

    जो भी व्यक्ति इन के झांसे में फंस जाता है उससे ये हजारों-लाखों रुपये की ठगी कर लेते हैं. साइबर पुलिस मुख्यालय को शिकायत मिली है कि ठग प्रदेश भर में लोगों को बड़ी संख्या में इस तरह के मैसेज वाट्एसप, एसएमएस, मेल, फर्जी वेबसाइट और लिंक के माध्यम से भेज रहे हैं. इसको लेकर साइबर क्राइम पुलिस कमिश्नरेट भोपाल ने एडवाइजरी भी जारी कर दी है. पुलिस ने जनता से अपील की है अगर आपको भी इस तरह का कोई मैसेज या लिंक प्राप्त होता है तो तुरंत उसकी जानकारी नजदीकी साइबर थाने में दें|

    इस तरह के आ रहे मैसेज

    • अर्जेंट एलपीजी बुकिंग, लिमिटेड स्टॉक, डिस्काउंट आफर, गैस कनेक्शन काटने या बंद करने के.
    • फेक लिंक या वेबसाइट पर क्लिक करने के लिए कहा जाता है।
    • एपीके फाइल डाउनलाड या क्यूआर कोड स्कैन करने के लिए कहा जाता है.
    • व्यक्तिगत जानकारी जैसे ओटीपी, पिन और बैंक संबंधी जानकारी मांगी जाती है.
    • पुलिस कमिश्नरेट भोपाल द्वारा जारी एडवाइजरी

    साइबर क्राइम पुलिस कमिश्नरेट भोपाल द्वारा जारी एडवाइजरी में लिखा है कि गैस सिलेंडर के नाम पर साइबर अपराधियों की गतिविधियां बढ़ी हैं. अपराधी फोन कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से फर्जी लिंक या नकली एपीके फाइल भेजकर आम नागरिकों को धोखा देने का प्रयास कर रहे हैं. इन लिंक पर क्लिक करने से व्यक्तिगत जानकारी, बैंक विवरण और यूपीआई से जुड़ी संवेदनशील जानकारी अपराधियों के हाथ लग सकती है. ऐसे में ये सावधानियां बरतना बेहद जरूरी हैं|

    सावधानियां और निर्देश

    • गैस सिलेंडर की बुकिंग केवल आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप, ग्राहक सेवा नंबर के माध्यम से ही करें
    • किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अज्ञात स्त्रोत से प्राप्त एपीके फाइल डाउनलोड न करें.
    • ओटीपी, बैंक विवरण, यूपीआई पिन या पासवर्ड किसी भी कॉल या संदेश पर साझा न करें.
    • संदिग्ध कॉल या संदेश प्राप्त होने पर तुंरत अपनी गैस एजेंसी और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर रिपोर्ट करें.
    • मोबाइल में केवल भरोसेमंद ऐप ही इंस्टॉल करें और उन्हें हमेशा प्लेस्टोर या ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें.

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