बैठक में जैविक खेती को लेकर कमेटी गठन का फैसला, किसानों को अपनाने के दिए सुझाव
थानागाजी। उपखंड कार्यालय में जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य सरकार की पहल के तहत गांव-गांव में किसान कमेटियां गठित करने का निर्णय लिया गया, जिससे अधिक से अधिक किसानों को जैविक खेती से जोड़ा जा सके।
बैठक में भजन लाल शर्मा द्वारा रासायनिक खेती को छोड़कर जैविक खेती अपनाने के सुझावों पर चर्चा की गई।
उपखंड अधिकारी सविता शर्मा, अधिशासी अधिकारी तरुण कुमार शर्मा, सहायक कृषि अधिकारी पिंकी मीणा एवं कृषि अधिकारी गुलाब चंद बलाई के सानिध्य में आयोजित इस बैठक में स्थानीय विक्रेताओं ने भी भाग लिया।
इस दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर जैविक खेती करने वाले किसानों को जोड़ने और किसान कमेटी बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
जैविक खेती के फायदे बताए
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जैविक खेती अपनाने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, पानी की बचत होती है और खाद्य पदार्थों में पोषक तत्व अधिक होते हैं।
साथ ही इसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं होने से पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है।
जैविक खेती के नुकसान भी आए सामने
अधिकारियों ने यह भी बताया कि जैविक खेती में उत्पादन अपेक्षाकृत कम हो सकता है और लागत अधिक आती है। इसके अलावा बाजार में जैविक उत्पादों की मांग कम होने के कारण किसानों को उचित मूल्य मिलने में भी कठिनाई हो सकती है।
किसानों को दिए गए महत्वपूर्ण सुझाव
बैठक में किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए, जिनमें—
- गोबर और हरी खाद का उपयोग करना
- फसल चक्र अपनाना
- रासायनिक कीटनाशकों के स्थान पर जैविक उपाय अपनाना
- मिट्टी की जांच करवाकर ही उर्वरकों का उपयोग करना
अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे जैविक खेती को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दें।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क


