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    MP में सुरक्षा पर बड़ा प्लान, 1 लाख AI बेस्ड कैमरे लगाने की तैयारी

    भोपाल: मध्य प्रदेश की कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस उच्च स्तरीय बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक और विशेष सशस्त्र बल (विसबल) जोन के आला अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान डीजीपी ने राज्य में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि थानों और चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे महज दिखावा बनकर न रह जाएं, बल्कि उन्हें हर वक्त चालू और सक्रिय रखा जाए ताकि अपराधियों में खौफ बना रहे और अपराध दर को न्यूनतम किया जा सके।

    प्रदेश भर में लगेंगे एक लाख एआई आधारित कैमरे

    राज्य की सुरक्षा प्रणाली को पूरी तरह हाईटेक बनाने के लिए डीजीपी कैलाश मकवाना ने एक बड़ा खाका तैयार किया है। उन्होंने राज्य भर में एक लाख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। इन आधुनिक कैमरों का इस्तेमाल केवल सामान्य निगरानी के लिए नहीं, बल्कि संदिग्ध चेहरों की पहचान करने, यातायात प्रबंधन और अपराधों की त्वरित जांच जैसे अलग-अलग तरीकों के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर करने के लिए कहा कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के पास उच्च पद का अतिरिक्त प्रभार है, उनकी प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही तय की जाए और समय-समय पर उनका मनोबल भी बढ़ाया जाए।

    पुलिसकर्मियों की सेहत और कानूनी मामलों पर फोकस

    बैठक में डीजीपी ने दिन-रात ड्यूटी पर तैनात रहने वाले पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे जमीनी स्तर पर काम करने वाले जवानों की सेहत का विशेष ध्यान रखें और उनके लिए कल्याणकारी योजनाएं तैयार करें। इसके अलावा, कोर्ट से जुड़े मामलों के त्वरित निराकरण और महकमे के भीतर लंबित विभागीय जांचों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, ताकि सभी प्रशासनिक कार्य समय पर पूरे हो सकें।

    अगले 3 साल में ड्रग फ्री एमपी और स्कूलों के पास विशेष क्षेत्र

    राज्य से नक्सलवाद के खात्मे का उदाहरण देते हुए कैलाश मकवाना ने संकल्प जताया कि जिस तरह मध्य प्रदेश को नक्सली समस्या से मुक्ति मिली है, ठीक उसी तरह अगले 3 सालों के भीतर पूरे प्रदेश को पूरी तरह नशामुक्त (ड्रग फ्री) बनाया जाएगा। इसी कड़ी में उन्होंने घोषणा की कि आगामी 15 से 31 जुलाई 2026 तक राज्य भर में ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत डीजीपी ने सभी पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी स्कूल-कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों के 500 मीटर के दायरे को पूरी तरह ‘ड्रग फ्री जोन’ घोषित कर वहां अवैध मादक पदार्थों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाए।

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