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    फारस की खाड़ी में फंसे 16 भारतीय जहाज, 433 नाविक; सीजफायर के बाद कब होंगे सुरक्षित बाहर?

    नई दिल्ली: भारत सरकार की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार अभी भी फारस की खाड़ी में भारत के 16 जहाज लंगर डाले खड़े हैं। यही नहीं, उन भारतीय झंडे वाले जहाजों पर 433 नाविक भी करीब 40 दिनों से फंसे हुए हैं। अब अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के युद्ध विराम की घोषणा हो चुकी है, इसलिए इनके वहां से जल्द कूच करने की एक नई उम्मीद जगी है।

    भारतीय जहाजों का अपने देश आना इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान कितनी जल्दी उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देता है। आमतौर पर किसी भी मर्चेंट शिप को फारस की खाड़ी से भारत के पश्चिमी तटों पर मौजूद मुंबई, मुंद्रा, कांडला,कोच्चि या मंगलुरु बंदरगाहों तक पहुंचने में तीन से सात दिन तक लग जाते हैं। यह जहाजों के आकार, भार और उनकी स्पीड पर निर्भर करता है।

    जहाजों को रवानगी के बाद लगेगा 3 से 7 दिन का समय
    मतलब, जिस दिन से ईरान,ओमान के साथ मिलकर सीजफायर के अनुसार जहाजों को गुजरने की अनुमति देना शुरू करेगा, उन्हें भारत पहुंचने में तीन से एक हफ्ते तक का समय लग सकता है। अब सवाल है कि ईरान इसकी शुरुआत कब से करता है, क्योंकि सीजफायर को लेकर उसका जो बयान आया है,उससे साफ है कि वह शर्तों के आधार पर ही इसकी इजाजत देगा, जैसा कि वह पहले से कह रहा है।

    दो हफ्तों की अवधि के लिए ईरान की सशस्त्र सेना के साथ समन्वय के द्वारा और तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित यात्रा मुमकिन हो सकेगी।
    सैयद अब्बास अराघची, ईरान के विदेश मंत्री

    ईरान पहले से ओमान के साथ बना रहा प्रोटोकॉल
    मतलब, ईरान का साफ तौर पर कहना है कि सीजफायर के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही शर्तों के आधार पर ही तय होगी। यह लाइन उसकी नई नहीं है और जब उसने सिर्फ भारत समेत पांच मित्र राष्ट्रों (रूस,इराक, चीन और पाकिस्तान) के जहाजों को यहां से गुजरने की घोषणा की थी, तब भी ऐसी ही शर्तें लगाई थीं।

    होर्मुज खुलने के अमेरिकी दावों में हैं झोल
    जबकि, अमेरिकी राष्ट्रपति और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से सीजफायर की घोषणा के साथ होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने के जो दावे किए गए हैं, वो पूरी तरह से अलग हैं।

    ..मैंने आज रात ईरान की ओर विध्वंसक बल भेजने से रोका है, यह इस शर्त पर कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूर्ण रूप से, तत्काल और सुरक्षित रूप से खोलने के लिए सहमत है…।
    डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिकी राष्ट्रपति की असिस्टेंट और व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने भी एक्स पोस्ट में दावा किया है कि 'राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवा दिया।'
     

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