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    शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों को CM हाउस घेरने से रोका, भोपाल में पुलिस की सख्ती

    भोपाल: मध्य प्रदेश शिक्षक भर्ती 2025 के अभ्यर्थियों का सब्र शुक्रवार को एक बार फिर टूट गया। अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने निकले सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने भारी बल प्रयोग कर पॉलिटेक्निक चौराहे पर ही रोक दिया। इस दौरान हुई धक्का-मुक्की और झड़प में कई अभ्यर्थियों के घायल होने की खबर है।

    पॉलिटेक्निक पर संग्राम: बसों में भरकर भेजे गए थाने
    शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थी जैसे ही सीएम हाउस की ओर बढ़े, भारी पुलिस बल ने उन्हें रास्ता रोकने के लिए घेराबंदी कर ली। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और जबरन घसीटते हुए बसों में भरकर खजूरी थाने ले गई।

    गंभीर चोटें: शिवपुरी से आए अभ्यर्थी नितिन ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान उनकी उंगलियां फ्रैक्चर हो गईं।

    बदसलूकी के दावे: ग्वालियर के सूरत सिंह धाकड़ का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उनके साथ अपराधियों जैसा बर्ताव और गाली-गलौज की।

    1.15 लाख खाली पद, फिर भी क्यों है खींचतान?
    प्रदर्शनकारी युवाओं का तर्क है कि प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों के 1.15 लाख से अधिक पद रिक्त हैं। इसके बावजूद सरकार बहुत कम पदों पर भर्ती निकाल रही है, जिससे योग्य उम्मीदवारों का भविष्य दांव पर लगा है। अपनी मांगों की अनदेखी से परेशान ये अभ्यर्थी पिछले कई महीनों से भूख हड़ताल, मुंडन और खून से आवेदन लिखने जैसे विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।

    अभ्यर्थियों का मुख्य 'डिमांड चार्ट'
    अभ्यर्थियों ने सरकार के सामने चार प्रमुख शर्तें रखी हैं:

    वर्ग-2 (माध्यमिक शिक्षक): हर विषय में कम से कम 3,000 पद या कुल 10,000 पदों की वृद्धि की जाए।

    वर्ग-3 (प्राथमिक शिक्षक): भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाकर न्यूनतम 25,000 की जाए।

    विशेष शिक्षक: प्राथमिक भर्ती में शामिल 3,200 विशेष शिक्षक पदों को अलग कर उनके लिए स्वतंत्र भर्ती प्रक्रिया अपनाई जाए।

    काउंसलिंग: दोनों श्रेणियों की भर्ती के लिए दूसरी काउंसलिंग प्रक्रिया तत्काल शुरू हो।

    पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी तितर-बितर हो गए हैं, लेकिन अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी पद वृद्धि की मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस विभाग ने बल प्रयोग के आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी है।

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