More
    Homeराज्यबिहारबेगूसराय ANM स्कूल का चौंकाने वाला हाल, छात्राओं से अवैध वसूली का...

    बेगूसराय ANM स्कूल का चौंकाने वाला हाल, छात्राओं से अवैध वसूली का आरोप

    बेगूसराय: एएनएम ट्रेनिंग सेंटर बना 'यातना केंद्र', बदहाल व्यवस्था के बीच छात्राएं बीमार; शिकायत पर फेल करने की धमकी

    बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय जिले से सिस्टम की संवेदनहीनता की एक विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है। जहाँ सरकार बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का दम भरती है, वहीं बलिया स्थित एएनएम (ANM) ट्रेनिंग स्कूल में भविष्य की नर्सें नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने यहाँ के हॉस्टल और मेस की काली सच्चाई उजागर कर दी है।

    थाली में जली रोटियां और अधपकी दाल

    ट्रेनिंग सेंटर में रह रहीं करीब 60 छात्राओं का आरोप है कि उनके स्वास्थ्य के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। छात्राओं ने बताया कि:

    • घटिया भोजन: मेस में उन्हें जली हुई रोटियां और बिना सब्जी वाली पानी जैसी दाल परोसी जा रही है।
    • बीमारी का खतरा: दूषित और खराब खाने की वजह से अब तक 10 से ज्यादा छात्राएं फूड पॉइजनिंग का शिकार हो चुकी हैं।
    • सफाई का अभाव: हॉस्टल के शौचालयों की स्थिति इतनी खराब है कि वहां पैर रखना भी दूभर है। चारों तरफ फैली गंदगी और बदबू ने छात्राओं का जीना मुहाल कर दिया है।

    आवाज उठाने पर 'फेल' करने का डर

    हॉस्टल प्रशासन की तानाशाही का आलम यह है कि जब भी छात्राएं बुनियादी सुविधाओं की मांग करती हैं, तो उन्हें चुप करा दिया जाता है। नाम गोपनीय रखने की शर्त पर एक छात्रा ने बताया कि शिकायत करने पर उन्हें परीक्षा में फेल करने की धमकी दी जाती है। करियर बर्बाद होने के डर से छात्राएं अब तक चुप थीं, लेकिन अब यह मामला सार्वजनिक हो गया है।

    मेस के नाम पर वसूली और स्कॉलरशिप में देरी

    आर्थिक मोर्चे पर भी छात्राओं का शोषण किया जा रहा है:

    • महीने की वसूली: हर छात्रा से खाने के नाम पर 3,000 रुपये वसूले जाते हैं, लेकिन गुणवत्ता के नाम पर उन्हें कचरा परोसा जा रहा है।
    • रुकी हुई छात्रवृत्ति: छात्राओं का आरोप है कि एक साल से उन्हें स्कॉलरशिप की राशि नहीं मिली है। सारे दस्तावेज जमा होने के बावजूद प्रशासन केवल बहानेबाजी कर रहा है।

    प्रशासन की कार्रवाई: प्राचार्य से स्पष्टीकरण

    मामले के तूल पकड़ने के बाद सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने संज्ञान लिया है। उन्होंने ट्रेनिंग सेंटर के प्राचार्य विकास राज चतुर्वेदी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हालांकि, प्राचार्य ने शौचालयों की बदहाली की बात तो मानी, लेकिन मेस की धांधली और छात्राओं की बीमारी के सवाल पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here