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    Education Minister के निरीक्षण में सामने आई चौंकाने वाली स्थिति

    श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के औचक निरीक्षण ने सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था और शैक्षणिक गिरावट की पोल खोलकर रख दी है। मंत्री के औचक दौरे के दौरान छात्रों का गिरता शैक्षणिक स्तर, बुनियादी सुविधाओं का अभाव और शिक्षकों की घोर लापरवाही सामने आई है।

    मंत्री मदन दिलावर का औचक निरीक्षण: सरकारी स्कूलों की हकीकत आई सामने

    शिक्षा मंत्री मदन दिलावर जब श्रीगंगानगर के स्कूलों में पहुँचे, तो वहां की स्थिति देखकर वे दंग रह गए। निरीक्षण के दौरान न केवल अनुशासन की कमी दिखी, बल्कि बच्चों का ज्ञान भी चिंताजनक स्तर पर पाया गया।

    गणित के आसान सवाल पर आठवीं का छात्र हुआ फेल

    राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय (3 एचएच) में मंत्री ने सीधे छात्रों से संवाद किया। उन्होंने कक्षा 8 के एक विद्यार्थी से पूछा कि 49 में 2 जोड़ने पर क्या परिणाम आएगा? छात्र ने इसका जवाब 60 दिया। इस बुनियादी सवाल का गलत उत्तर सुनकर मंत्री ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने शिक्षकों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यदि आठवीं का छात्र साधारण जोड़ नहीं कर पा रहा, तो यह शिक्षा की गुणवत्ता पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।

    नामांकन और उपस्थिति में भारी गिरावट

    मंत्री ने पाया कि 700 की आबादी वाले गांव के स्कूल में कक्षा 1 से 8 तक केवल 32 छात्र नामांकित हैं।
    चिंताजनक स्थिति: सातवीं कक्षा में निरीक्षण के दौरान मात्र 3 छात्र ही उपस्थित मिले।
    मंत्री ने इसे शिक्षा व्यवस्था की विफलता बताते हुए अधिकारियों से जवाब तलब किया है।

    बिना सूचना गायब मिले प्रिंसिपल और शिक्षक

    निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अनुशासन की भी धज्जियां उड़ीं:

    • स्कूल के प्रिंसिपल गिरजा शंकर बिना किसी स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित मिले। वे पिछले 9 वर्षों से इसी स्कूल में तैनात हैं।
    • उनके साथ दो अन्य शिक्षक भी बिना सूचना के गायब पाए गए।
    • मंत्री ने इन सभी के खिलाफ तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

    सुविधाओं का अभाव और लापरवाही की हद

    दूसरे स्कूल (1 डीबीएनडी) के निरीक्षण में प्रशासनिक लापरवाही के अजीबोगरीब नमूने देखने को मिले:

    • गलत साइनबोर्ड: स्कूल 2021 में ही उच्च माध्यमिक हो चुका है, लेकिन आज भी मुख्य द्वार पर पुराने माध्यमिक स्कूल का बोर्ड लगा है।
    • शौचालय की बदहाली: शौचालयों में पानी का प्रबंध नहीं था। हद तो तब हो गई जब देखा गया कि लड़कों के शौचालय पर 'छात्रा' और लड़कियों के शौचालय पर 'छात्र' लिखा हुआ था।

    मंत्री की सख्त चेतावनी: अब होगी कार्रवाई

    मंत्री मदन दिलावर ने स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा के क्षेत्र में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि:

    • लापरवाह शिक्षकों और संस्था प्रधानों की सूची बनाकर कार्रवाई की जाए।
    • स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं और शौचालयों की स्थिति में तुरंत सुधार हो।
    • नियमित निरीक्षण की व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।

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