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    SMS अस्पताल में अव्यवस्था: सरकारी आदेश से मरीजों की बढ़ी परेशानी

    जयपुर। जयपुर के प्रतिष्ठित सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में इन दिनों एक प्रशासनिक निर्णय के कारण चिकित्सा व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। नगर निगम के आदर्श नगर जोन ने अस्पताल के 65 प्रशासनिक कर्मियों में से 38 कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना और मकान सूचीकरण कार्य में लगा दी है। इस कदम से अस्पताल की प्रशासनिक क्षमता आधी रह गई है, जिससे सीधे तौर पर मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर संकट खड़ा हो गया है।

    प्रमुख सेवाएं और मेडिकल बोर्ड प्रभावित

    अस्पताल के आईटी और मंत्रालयिक कर्मचारी दैनिक संचालन का मुख्य आधार होते हैं। कर्मचारियों की अचानक कमी के कारण कई महत्वपूर्ण कार्य बाधित हो रहे हैं:

    • प्रमाणन में देरी: दिव्यांगता प्रमाण पत्र और मेडिकल बोर्ड की प्रक्रियाओं की गति धीमी हो गई है।

    • कानूनी मामले: अदालती आदेशों के तहत होने वाले स्वास्थ्य परीक्षण और वीवीआईपी दौरों से जुड़े कार्यों में देरी हो रही है।

    • सरकारी योजनाएं: आयुष्मान भारत, आरजीएचएस और निरोगी राजस्थान जैसी योजनाओं के प्रशासनिक क्रियान्वयन में बाधा आ रही है।

    गर्मी के मौसम में बढ़ा दबाव

    राजस्थान में वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव के अलर्ट के कारण अस्पताल में मरीजों की संख्या में भारी उछाल आया है। मौसमी बीमारियों और बढ़ती भीड़ के बीच प्रशासनिक स्टाफ को जनगणना जैसे बाहरी कार्यों में भेजना अस्पताल प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

    पुराने निर्देशों की अवहेलना

    हैरानी की बात यह है कि इस आदेश में 29 अक्टूबर 2018 के उस सरकारी निर्देश की अनदेखी की गई है, जिसमें मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया था कि मरीज सेवाओं को सुचारू रखने के लिए अस्पताल के आईटी और लेखा स्टाफ को चुनाव या जनगणना जैसे गैर-चिकित्सीय कार्यों से मुक्त रखा जाए। इसके बावजूद, 13 अप्रैल 2026 को जनगणना अधिनियम का हवाला देते हुए स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई।

    प्रशासनिक खींचतान

    चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त ने इस स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए इन कर्मचारियों को तत्काल मुक्त करने की अनुशंसा की है। हालांकि, नगर निगम की ओर से अभी तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। विभागीय स्तर पर चल रही इस खींचतान का खामियाजा अस्पताल आने वाले हजारों मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।

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