भोपाल: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी राहत भरी खबर दी है। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को अब अधिक समय मिलेगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुक करने की अंतिम तिथि को 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई 2026 कर दिया है। इसके साथ ही, अब हर शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग और उपार्जन का काम निरंतर जारी रहेगा।
उपार्जन की स्थिति और लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। अब तक के आंकड़े उत्साहजनक हैं:
पंजीकरण: इस वर्ष रिकॉर्ड 19.04 लाख किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.60 लाख अधिक है।
स्लॉट बुकिंग: अब तक 8.55 लाख किसानों ने 39.10 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक कर लिए हैं।
खरीदी: विभाग के अनुसार, 3.97 लाख किसानों से 16.64 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है।
भुगतान: किसानों को भुगतान के लिए ईपीओ (EPO) जनरेट करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
सुविधाओं में विस्तार: क्या बदलाव हुए?
किसानों को केंद्र पर परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया है:
दैनिक क्षमता: प्रति उपार्जन केंद्र पर स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन कर दी गई है।
तौल कांटों की संख्या: हर केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है।
बारदाना व्यवस्था: हर उपार्जन केंद्र पर 7 दिनों की खरीद के लिए पर्याप्त बारदाने उपलब्ध रहने के निर्देश दिए गए हैं।
समर्थन मूल्य और बोनस
सरकार इस वर्ष गेहूं की खरीदी 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कर रही है। इसमें 2585 रुपये का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रुपये का बोनस शामिल है।
प्रशासन को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी कलेक्टर्स को गेहूं खरीदी, परिवहन, भंडारण और किसानों को समय पर भुगतान की प्रतिदिन समीक्षा करनी चाहिए। इसके साथ ही, उपार्जित गेहूं के सुरक्षित भंडारण के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और पारदर्शी खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए केंद्रों की तस्वीरें भारत सरकार के पीसी सेप पोर्टल पर अपलोड की जा रही हैं।


