अंबाला। हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को संगठित अपराध के खिलाफ एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ की टीम ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े बेहद खूंखार और वांछित गैंगस्टर वेंकट गर्ग उर्फ वेंकटेश को यूरोपीय देश जॉर्जिया से डिपोर्ट (प्रत्यर्पित) कराकर भारत लाने में कामयाबी हासिल की है। नारायणगढ़ का मूल निवासी वेंकटेश साल 2017 से लगातार बिश्नोई गैंग के सक्रिय सदस्य के रूप में काम कर रहा था। उसने अंबाला, यमुनानगर और पंचकूला समेत हरियाणा के कई जिलों में हत्या, कातिलाना हमले और रंगदारी जैसी अनेक संगीन वारदातों को अंजाम दिया था, जिसके चलते स्थानीय पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी। एसटीएफ हरियाणा के महानिरीक्षक (आईजी) सतीश बालन ने बताया कि यह कुख्यात अपराधी साल 2024 में एक जाली पासपोर्ट का इस्तेमाल कर देश से चकमा देकर दुबई फरार हो गया था, जिसके बाद उसने अपनी लोकेशन बदली और जॉर्जिया में जाकर छिप गया था।
विदेशी धरती से चला रहा था जबरन वसूली का रैकेट
आईजी सतीश बालन के मुताबिक, गैंगस्टर वेंकटेश को जॉर्जिया से वापस भारत लाने की इस कानूनी प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाने में एसटीएफ को करीब एक साल का लंबा वक्त लगा। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर आखिरकार उसे डिपोर्ट कराने में सफलता पाई। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, जब यह अपराधी नकली पहचान पत्र के सहारे दुबई भागा था, तब तक अकेले हरियाणा में ही उसके खिलाफ 23 गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हो चुके थे। दुबई से जॉर्जिया पहुंचने के बाद भी उसकी आपराधिक गतिविधियां थमी नहीं और उसने वहां सुरक्षित बैठकर भारत के व्यापारियों, उद्योगपतियों और रसूखदार लोगों को धमकी भरे फोन कर करोड़ों रुपये की रंगदारी (फिरौती) मांगना शुरू कर दिया था। वह सात समंदर पार से ही भारत में मौजूद अपने गुर्गों के नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से कसा शिकंजा
एसटीएफ प्रमुख ने आगे खुलासा किया कि वेंकटेश विदेश में रहकर भी तकनीक के माध्यम से अपने लोकल शूटरों और गुर्गों के साथ लगातार संपर्क में बना हुआ था। जिन लोगों ने उसकी धमकियों के आगे झुकने और फिरौती देने से इनकार किया, उन पर दबाव बनाने के लिए उसने अपने शूटरों से सरेआम गोलियां भी चलवाईं। इन वारदातों के बाद हरियाणा एसटीएफ ने खुफिया इनपुट जुटाकर गैंगस्टर की सटीक लोकेशन का पता लगाया और जॉर्जिया सरकार तथा वहां की जांच एजेंसियों के साथ पुख्ता सबूत साझा किए। विदेशी धरती पर चौतरफा घेराबंदी होने के बाद जॉर्जियाई प्रशासन ने उसे भारत डिपोर्ट कर दिया। गौरतलब है कि हरियाणा एसटीएफ इससे पहले भी विदेशों में शरण लिए कई बड़े गैंगस्टरों को भारत वापस लाकर सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है।
अदालती रिमांड के दौरान होंगे कई बड़े खुलासे
सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच भारत लाए गए गैंगस्टर वेंकटेश को अब संबंधित जिला अदालत में पेश करने की कानूनी तैयारी की जा रही है। एसटीएफ के जांच अधिकारी न्यायालय से उसकी अधिकतम दिनों की पुलिस रिमांड की मांग करेंगे। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि कस्टडी में लेकर की जाने वाली कड़ाई से पूछताछ के दौरान वेंकटेश से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के भविष्य के प्लान, भारत में छिपे उसके सक्रिय शूटरों के ठिकानों, हथियारों की तस्करी के रूट और विदेशों से हो रही फंडिंग के स्रोतों के बारे में कई चौंकाने वाले और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।


