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    व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, सियासत हुई तेज

    नई दिल्ली में गैस मूल्य वृद्धि पर घमासान, कांग्रेस ने सरकार को घेरा

    नई दिल्ली। 1 मई 2026 से कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई ₹993 की भारी बढ़ोतरी ने देश में एक नया राजनीतिक विवाद छेड़ दिया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर चौतरफा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर मोर्चा खोलते हुए कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा और इस मूल्य वृद्धि को जनता पर ‘चाबुक’ चलाने जैसा करार दिया। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जनहित के बजाय केवल ‘वसूली’ पर ध्यान दे रही है।

    ‘बड़े चालबाज लोग हैं’: कांग्रेस का सरकार पर तंज

    कांग्रेस ने अपने आधिकारिक बयान में आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले महज 4 महीनों के भीतर कमर्शियल सिलेंडर के दाम में ₹1,518 का इजाफा हो चुका है। पार्टी ने तंज कसते हुए लिखा, “अभी साल के 8 महीने बाकी हैं और मोदी की वसूली जारी है।” कांग्रेस ने सरकार पर ‘चालबाजी’ का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले आधार कार्ड के जरिए सिलेंडर बांटे गए और अब उनकी कीमतें इतनी बढ़ा दी गई हैं कि वे आम व्यापारियों की पहुंच से बाहर हो रहे हैं। साथ ही, 5 किलो वाले ‘छोटू सिलेंडर’ के दाम बढ़ने पर भी पार्टी ने गहरी नाराजगी जाहिर की है।

    दामों में उछाल की बड़ी वजह: ‘होर्मुज संकट’ और वैश्विक अस्थिरता

    व्यावसायिक सिलेंडर की कीमतों में आए इस उछाल के पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां मुख्य कारण मानी जा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार:

    • पश्चिम एशिया संकट: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी जैसी स्थिति बनी हुई है।
    • सप्लाई चेन प्रभावित: दुनिया की 20 प्रतिशत तेल और गैस आपूर्ति इसी मार्ग से होती है, जिसके बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें बढ़ी हैं।
    • बीते महीनों का ट्रेंड: अप्रैल में भी कमर्शियल सिलेंडर ₹196 और मार्च में ₹114 महंगा हुआ था, लेकिन मई की बढ़ोतरी ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

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