बिलासपुर/दुर्ग: शराब घोटाले में ED का शिकंजा और कसा; सराफा कारोबारी के यहाँ मिला 17 किलो सोना, भाजपा नेता के घर भी दबिश
बिलासपुर/दुर्ग: छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले की जाँच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में बिलासपुर और दुर्ग में बड़े कारोबारियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई, जिससे हड़कंप मच गया है।
बिलासपुर: सराफा कारोबारी के घर और दुकान पर छापा
बिलासपुर के प्रसिद्ध सराफा व्यवसायी विवेक अग्रवाल के ठिकानों पर ED ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को जाँच एजेंसी की टीम ने उनके निवास और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर एक साथ दबिश दी।
बड़ी बरामदगी: सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस कार्रवाई के दौरान लगभग 17 किलो सोना, करोड़ों रुपये के हीरे के जेवरात और भारी मात्रा में नकद बरामद किया गया है। हालांकि, विभाग ने अभी इन आंकड़ों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
कनेक्शन: विवेक अग्रवाल, फरार आरोपी विकास अग्रवाल के भाई बताए जा रहे हैं। विकास अग्रवाल का नाम घोटाले के मुख्य आरोपी अनवर ढेबर के करीबी सहयोगियों में शामिल है।
दुर्ग: भाजपा नेता और इंफ्रा कारोबारी के यहाँ हलचल
बिलासपुर के साथ-साथ दुर्ग में भी ED की टीम ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। 30 अप्रैल को टीम ने 'अमर इंफ्रा' के संचालक और भाजपा नेता चतुर्भुज राठी के महेश कॉलोनी स्थित आवास और कार्यालय पर छापेमारी की।
दस्तावेजों की पड़ताल: अधिकारियों ने घंटों तक वित्तीय रिकॉर्ड और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जाँच की। चतुर्भुज राठी रियल एस्टेट और अन्य बड़े व्यवसायों से जुड़े हुए हैं, ऐसे में उनके ठिकानों पर हुई इस कार्रवाई को शराब घोटाले की कड़ियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
जाँच का दायरा और निवेश की पड़ताल
जाँच एजेंसी अब इन छापों के दौरान मिले दस्तावेजों और बैंकिंग ट्रांजेक्शन के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अवैध तरीके से कमाई गई राशि को किन-किन व्यवसायों या संपत्तियों में निवेश किया गया था। ED की इस कार्रवाई ने प्रदेश के राजनीतिक और व्यापारिक गलियारों में खलबली मचा दी है।


