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    सुशासन की मिसाल- सुशासन तिहार ने दूर की रामचंद की चिंता, घर लौटी खुशहाली

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्रामीण अंचलों में चलाया जा रहा “सुशासन तिहार 2026” अभियान आम जनता के लिए संकटमोचक साबित हो रहा है। विकास की मुख्यधारा से दूर बैठे ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा कर यह अभियान उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेर रहा है। ऐसी ही एक सुखद कहानी सामने आई है ग्राम उमरगांव से जहां के निवासी श्री रामचंद मांझी के लिए यह अभियान एक नई सुबह लेकर आया।

    वर्षों का इंतजार, मिनटों में समाधान

         ​  नारायणपुर जिले के ​उमरगांव के रामचंद मांझी लंबे समय से राशन कार्ड न होने के कारण परेशान थे। राशन कार्ड के अभाव में उनका परिवार शासन की जनकल्याणकारी खाद्यान्न योजनाओं के लाभ से वंचित था। उन्होंने कई बार प्रयास किए, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक उलझनों के कारण उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा था।  श्री रामचंद मांझी ने कहा कि ​लंबे समय से राशन कार्ड न होने के कारण परिवार के भरण-पोषण में दिक्कत आ रही थी। शासकीय खाद्यान्न योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था, लेकिन सुशासन तिहार ने हमारी चिंता को हमेशा के लिए दूर कर दिया।

                ​गौरदंड में आयोजित सुशासन तिहार समाधान शिविर रामचंद के लिए उम्मीद की नई किरण बना। उन्होंने शिविर में मौजूद अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या रखी। जिला प्रशासन की संवेदनशीलता और शिविर की त्वरित कार्यप्रणाली के चलते, मौके पर ही उनके दस्तावेजों का सत्यापन कर नया राशन कार्ड जारी कर दिया गया।

    आर्थिक संबल और परिवार में खुशी का माहौल​

             नया राशन कार्ड हाथ में आते ही रामचंद के चेहरे की चिंता खुशी में बदल गई। अब उनके परिवार को हर महीने शासकीय उचित मूल्य की दुकान से नियमित और किफायती खाद्यान्न प्राप्त हो सकेगा। इससे न केवल उनके परिवार की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है, बल्कि उनके घर की आर्थिक स्थिति को भी एक बड़ा सहारा मिला है। ​रामचंद मांझी ने इस त्वरित और पारदर्शी व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शासन की यह जमीनी पहल हम जैसे गरीब ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही है।

    गांव-गांव तक पहुंच रहा सुशासन का लाभ

        ​   उमरगांव के रामचंद मांझी की यह कहानी महज एक उदाहरण है। छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में आयोजित हो रहे समाधान शिविरों में रोज ऐसी कई कहानियां आकार ले रही हैं। आवेदनों पर बिना किसी देरी के स्थल पर ही कार्रवाई की गई, ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति और अंतिम छोर के व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं की सीधी पहुंच ​सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से साय सरकार का यह संकल्प अब हकीकत में बदल रहा है, जहां हर गांव खुशहाल हो रहा है और हर नागरिक का हक सुरक्षित हो रहा है।
     

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