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    बुद्ध पूर्णिमा पर दो दिवसीय आयोजन, स्वास्थ्य सेवा और मानवीय मूल्यों का दिया संदेश

    अलवर में विशेष कार्यक्रम, चिकित्सालय को शीतलन उपकरण भेंट कर महात्मा बुद्ध के विचारों पर हुआ मंथन

    अलवर। महात्मा बुद्ध की जन्म जयंती बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर उत्कृष्टार्थ जाग्रत सभ्य जन अभियान तथा कन्फेडरेशन ऑफ यूनाइटेड ट्रस्टीज फॉर एक्सीलेंस के तत्वावधान में दो दिवसीय विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्टता, सामाजिक जागरूकता और महात्मा बुद्ध के मानवीय संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

    कार्यक्रम के प्रथम दिवस में सामान्य अस्पताल, अलवर में स्वास्थ्य सेवाओं के समग्र विकास के उद्देश्य से एक शीतल वातानुकूलन यंत्र और छह शीतलन यंत्रों का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. सुनील चौहान ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्टता किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र की आधारशिला होती है। उन्होंने कहा कि समाज और प्रशासन के सामूहिक प्रयासों से ही जनसेवाओं को बेहतर बनाया जा सकता है।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण शर्मा ने चिकित्सालय को प्रदेश का श्रेष्ठ चिकित्सालय बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि पूरी टीम समर्पण और सहयोग की भावना के साथ निरंतर कार्य कर रही है। विशिष्ट अतिथि तथा युग निर्माण योजना की अध्यक्ष डॉ. सरोज गुप्ता ने संस्था द्वारा किए जा रहे नवाचारों और सामाजिक सरोकारों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

    इस दौरान पूर्व अधीक्षण अभियंता गुलाबचंद तथा राजऋषि महाविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष एवं प्राध्यापक रामानंद ने प्रेरणादायक प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। उन्होंने सामाजिक समरसता और मानवता का संदेश देते हुए लोगों में नई ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम में डॉ. सुनील चौहान का राजस्थानी परंपरा के अनुसार सम्मान भी किया गया। वहीं श्रेष्ठ सेवा कर्मी विक्रम राठौर और हेमंत रबारी को सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की गई।

    पूरे आयोजन का समन्वयन पूर्व प्राचार्य बाबू शोभाराम कला महाविद्यालय एवं पर्यावरणविद् प्रोफेसर डॉ. एमपीएस चंद्रावत द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम को सामाजिक चेतना और मानवीय मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया।

    दो दिवसीय कार्यक्रम की दूसरी कड़ी में महात्मा बुद्ध के जीवन और उनके विचारों पर आधारित एक वेब संगोष्ठी आयोजित की गई। इस संगोष्ठी की अध्यक्षता प्रोफेसर डॉ. एमपीएस चंद्रावत ने की। कार्यक्रम में उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सूरत सिंह, पूर्व उपनिदेशक विष्णु स्वामी, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राधेश्याम तथा वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. सोमदत्त गुप्ता सहित कई विद्वानों ने अपने विचार रखे।

    प्रोफेसर डॉ. एमपीएस चंद्रावत ने कहा कि महात्मा बुद्ध के सत्य, अहिंसा और करुणा जैसे कालजयी संदेश आज भी हिंसा और वैमनस्य से जूझती दुनिया के लिए आशा की किरण हैं। उन्होंने कहा कि अजातशत्रुता और मानवता का संदेश वर्तमान समय में और अधिक प्रासंगिक हो गया है।

    विष्णु स्वामी ने भगवान बुद्ध को महान अवतार बताते हुए कहा कि आज के दौर में लोगों को बुद्ध के जीवन से प्रेरणा लेकर आत्मचिंतन और आत्मविकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सूरत सिंह ने कहा कि महात्मा बुद्ध मानव सभ्यता के प्रथम वैज्ञानिक थे, जिन्होंने सत्य को अपनाने और असत्य को त्यागने का संदेश दिया।

    आचार्य अनिल देव ने उपस्थित लोगों से अपने जीवन का प्रकाश स्वयं बनने का आह्वान किया। वहीं डॉ. राधेश्याम और डॉ. सोमदत्त गुप्ता ने भी महात्मा बुद्ध के जीवन मूल्यों को मानव समाज के लिए प्रेरणादायक और उपयोगी बताया।

    बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित यह दो दिवसीय कार्यक्रम सामाजिक जागरूकता, स्वास्थ्य सेवा, आध्यात्मिक चेतना और मानवीय मूल्यों का संदेश देकर उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।

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