अलवर जिला अस्पताल भेजा गया महिला का शव, जहरीला पदार्थ सेवन की आशंका से जांच तेज
अलवर। औद्योगिक क्षेत्र एमआईए स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज अलवर में एक महिला की मौत के बाद पोस्टमार्टम प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजे जाने पर चिकित्सा व्यवस्था और नियमों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जिला अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर ज्योति ने बताया कि ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में सभी विषयों के विशेषज्ञ उपलब्ध हैं, इसके बावजूद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजना सामान्य प्रक्रिया के अनुरूप नहीं माना जाता। उन्होंने कहा कि एक चिकित्सा केंद्र से दूसरे केंद्र में पोस्टमार्टम के लिए शव रेफर करने से जिला अस्पताल पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है और चिकित्सकों का कार्यभार भी प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के मामलों में बार-बार जिला अस्पताल को जिम्मेदारी सौंपना व्यवस्था संबंधी कमियों को दर्शाता है। वहीं मेडिकल अधिकारी डॉक्टर पूजा ने बताया कि इस विषय को वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
जानकारी के अनुसार ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में मोर्चरी व्यवस्था शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। इसी कारण फिलहाल वहां आने वाले शवों का पोस्टमार्टम जिला अस्पताल में कराया जा रहा है।
उधरवैशाली नगर पुलिस थाना के थाना प्रभारी गुरुदत्त सैनी ने बताया कि दोपहर में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज से महिला की मौत की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने बताया कि महिला को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था।
पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाकर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया है। प्रारंभिक जांच में मामला जहरीला पदार्थ सेवन का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं पोस्टमार्टम प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और चिकित्सा व्यवस्थाओं पर नई बहस छेड़ दी है।
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