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    काउंटिंग के बीच ममता बनर्जी का दावा- हम ही जीतेंगे, बाहर लगे नारे

    कोलकाता:पश्चिम बंगाल की 293 सीटों के लिए जारी मतगणना के शुरुआती रुझानों ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है, जहां भारतीय जनता पार्टी स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक भाजपा 198 सीटों पर अपनी बढ़त बनाए हुए है, जबकि तृणमूल कांग्रेस फिलहाल 88 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। मत प्रतिशत के लिहाज से भी भाजपा 45 फीसदी वोटों के साथ टीएमसी के 42 फीसदी के मुकाबले आगे चल रही है, हालांकि फालता सीट पर चुनाव आयोग ने आगामी 21 मई को दोबारा मतदान कराने का निर्णय लिया है।

    चुनावी जंग और राजनीतिक घमासान

    सत्ता की इस बड़ी लड़ाई के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े करते हुए उन पर मनमानी करने का आरोप जड़ा है। उनका मानना है कि शुरुआती रुझान भले ही विपक्षी खेमे के पक्ष में दिख रहे हों, लेकिन अंतिम दौर की गिनती पूरी होने के बाद जीत का सेहरा तृणमूल कांग्रेस के सिर ही बंधेगा। इस राजनीतिक खींचतान के बीच जमीनी स्तर पर तनाव भी देखने को मिला है, जहां आसनसोल स्थित टीएमसी के चुनावी कार्यालय में तोड़फोड़ की खबरें आईं और वहां से एक जिंदा बम बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

    हाई-प्रोफाइल सीटों का हाल

    प्रदेश की सबसे चर्चित सीटों की बात करें तो भवानीपुर से ममता बनर्जी अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए बढ़त बनाए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर कड़े मुकाबले में सुवेंदु अधिकारी फिलहाल पीछे चल रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरों का असर भी साफ देखा जा रहा है। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां प्रधानमंत्री ने जनसंपर्क के दौरान झालमुड़ी का स्वाद लिया था, वहां की चारों महत्वपूर्ण सीटों यानी झाड़ग्राम, बिनपुर, गोपीबल्लभपुर और नयाग्राम में भाजपा के उम्मीदवार मजबूती से आगे चल रहे हैं।

    हिंसा और आयोग की सख्ती

    मतगणना के दौरान कानून व्यवस्था को लेकर भी चुनौतियां सामने आ रही हैं, जिसका उदाहरण आसनसोल में हुई हिंसा और तोड़फोड़ है। चुनाव आयोग ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालने वाली इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए फालता सीट पर पुनर्मतदान का फैसला सुरक्षित रखा है। फिलहाल राज्य भर की निगाहें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं क्योंकि रुझानों और हकीकत के बीच का फासला कम होने में अभी कई राउंड की गिनती बाकी है।

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