More
    Homeराजस्थानजयपुरराजस्थान भाजपा संगठन में नई जिम्मेदारियों को लेकर चर्चाएं तेज

    राजस्थान भाजपा संगठन में नई जिम्मेदारियों को लेकर चर्चाएं तेज

    जयपुर। पांच राज्यों के चुनावी परिणाम आने के बाद राजस्थान के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। प्रदेश की भजनलाल सरकार अब जल्द ही बोर्ड, निगम और आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियों का पिटारा खोलने जा रही है। भाजपा संगठन और सरकार के स्तर पर उन चेहरों की 'परफॉर्मेंस शीट' तैयार की जा रही है, जिन्होंने हाल के चुनावों और संगठन के कार्यों में अपनी काबिलियत साबित की है।

    संगठन के दिग्गजों और समर्पित चेहरों को मिलेगा ईनाम

    पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ वरिष्ठ नेताओं के साथ मंथन कर एक फाइनल लिस्ट तैयार कर रहे हैं, जिसे जल्द ही दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा। प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल और राष्ट्रीय नेतृत्व ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि नियुक्तियों में जातीय समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन और वैचारिक निष्ठा को सबसे ऊपर रखा जाएगा। पार्टी की रणनीति है कि इन नियुक्तियों के जरिए आगामी निकाय और पंचायत चुनावों के लिए मजबूत जमीन तैयार की जाए।

    इन बड़े नामों पर टिकी हैं सबकी निगाहें

    सियासी हलकों में नियुक्तियों को लेकर कई दिग्गजों के नाम चर्चा में हैं। इनमें पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, अशोक परनामी, राजेंद्र राठौड़ और पूर्व सांसद रामचरण बोहरा जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इनके अलावा:

    • प्रमुख दावेदार: सुमन शर्मा, लालचंद कटारिया, ज्योति खंडेलवाल, कुलदीप धनकड़, प्रभुदयाल सैनी।

    • अन्य चर्चित नाम: राजपाल सिंह शेखावत, नारायण पंचारिया, संतोष अहलावत, अभिषेक मटोरिया और चंद्रकांता मेघवाल।

    दिलचस्प बात यह है कि राज्यसभा की तीन सीटें खाली होने के कारण कुछ कद्दावर नेता बोर्ड या आयोग के बजाय दिल्ली की राजनीति (राज्यसभा) में जाने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    इन महत्वपूर्ण पदों पर होनी है ताजपोशी

    राजस्थान में लंबे समय से कई अहम संस्थानों के पद रिक्त चल रहे हैं, जिन्हें भरने से प्रशासनिक और राजनीतिक कार्यों में तेजी आएगी:

    • आयोग: महिला आयोग, बाल आयोग, ओबीसी और अल्पसंख्यक आयोग।

    • बोर्ड व निगम: आरटीडीसी (RTDC), आवासन मंडल, खादी बोर्ड, बीज निगम और राज्य खेल परिषद।

    • समितियां: वक्फ बोर्ड, हज कमेटी, डांग व मगरा विकास बोर्ड और जन अभाव अभियोग निराकरण समिति।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here