कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल की बैठक में राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला हो गया है। वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया है। इस अहम बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे, जिनकी देखरेख में यह निर्णय लिया गया।
कैसे हुआ नेता का चुनाव?
बैठक के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने शुभेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा। इसके बाद वहां मौजूद सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने इस पर अपनी सहमति जताई, जिससे उनके नाम पर औपचारिक मुहर लग गई। अब शुभेंदु अधिकारी राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभालेंगे।
अमित शाह ने की मंदिर में पूजा-अर्चना
बैठक में शामिल होने से पहले अमित शाह कोलकाता के प्रसिद्ध दक्षिणेश्वर काली मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने दर्शन और पूजा-अर्चना की। मंदिर से निकलने के बाद वे सीधे पार्टी के नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल हुए, जहाँ नई सरकार के गठन और शपथ ग्रहण की बारीकियों पर चर्चा की गई।
विपक्ष पर साधा निशाना
भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने इस मौके पर विपक्षी दलों पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जो लोग दावा कर रहे थे कि चुनाव के बाद अमित शाह बंगाल नहीं आ पाएंगे, उन्हें आज जवाब मिल गया है। उन्होंने साफ किया कि आज शाम तक सरकार गठन की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।
नए मंत्रिमंडल पर मंथन जारी
मुख्यमंत्री के नाम के साथ-साथ अब कैबिनेट के गठन पर भी काम शुरू हो गया है। अमित शाह और पार्टी के वरिष्ठ नेता इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि मंत्रिमंडल में किसे शामिल किया जाए और किसे कौन सा विभाग सौंपा जाए। इस पूरी प्रक्रिया में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी सह-पर्यवेक्षक के तौर पर मदद कर रहे हैं।
ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा भव्य शपथ ग्रहण
शनिवार को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह समेत देश के कई बड़े नेता शामिल होंगे। समारोह के लिए एक विशाल मंच तैयार किया गया है और उम्मीद है कि 50 हजार से ज्यादा लोग इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनेंगे।
भाजपा की ऐतिहासिक जीत
इस बार के चुनाव परिणामों ने बंगाल में इतिहास रच दिया है। 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 206 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) मात्र 80 सीटों पर सिमट गई है। 2021 में भाजपा के पास केवल 77 सीटें थीं, लेकिन इस बार की भारी बढ़त के साथ भाजपा पहली बार बंगाल में अपनी सरकार बनाने जा रही है।


