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    उत्तराखंड में मौसम का कहर, आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी; चारधाम यात्रियों को चेतावनी

    देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के चरम उत्साह के बीच कुदरत के बदलते तेवर श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों के लिए आंधी, तूफान और भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। वर्तमान में राज्य में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। मौसम की इस चेतावनी ने चारधाम मार्ग पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर शासन की चिंता बढ़ा दी है।

    अगले 48 घंटे चुनौतीपूर्ण: तेज हवाओं और हिमपात की आशंका

    मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 12 और 13 मई के साथ-साथ आने वाले मंगलवार और बुधवार को राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि हिमालयी क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही, ऊंचे पहाड़ों पर मेघ गर्जन, बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश के साथ हिमपात की भी संभावना जताई गई है। प्रतिकूल मौसम की यह स्थिति विशेष रूप से केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे ऊंचाई वाले धामों में यात्रा को जोखिम भरा बना सकती है।

    प्रशासन की सख्त हिदायत: 'सुरक्षित स्थान पर रुकें श्रद्धालु'

    खराब मौसम की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तीर्थयात्री अपनी यात्रा को लेकर जल्दबाजी न करें और मौसम साफ होने का इंतजार करें। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की नवीनतम रिपोर्ट जरूर देख लें। उन्होंने जोर देकर कहा कि आंधी-बारिश के दौरान भूस्खलन की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए श्रद्धालु किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर ही ठहरें।

    सुरक्षा को प्राथमिकता: यात्रा स्थगित करने की भी सलाह

    चारधाम मार्गों पर संभावित बाधाओं को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया है। बिजली गिरने और तेज आंधी के कारण मार्गों पर यातायात प्रभावित हो सकता है, ऐसे में प्रशासन ने सुझाव दिया है कि स्थिति बिगड़ने पर अपनी यात्रा को कुछ समय के लिए स्थगित करना ही सबसे समझदारी भरा निर्णय होगा। किसी भी आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को स्थानीय पुलिस और राहत केंद्रों से संपर्क करने को कहा गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन लगातार पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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