More
    Homeराजस्थानअलवरमहिला सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला में बालिकाओं को बताए कानूनी अधिकार

    महिला सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला में बालिकाओं को बताए कानूनी अधिकार

    महिला सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम में छात्राओं को पॉक्सो एक्ट, घरेलू हिंसा कानून और साइबर अपराध से बचाव की दी जानकारी

    अलवर। महिला अधिकारिता विभाग, राजस्थान द्वारा संचालित पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र के तत्वावधान में रविवार को आईटीआई कॉलेज में महिला सुरक्षा एवं कानूनी जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बालिकाओं को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं और आत्मरक्षा संबंधी जागरूकता प्रदान करना रहा।

    महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक ऋषिराज सिंघल ने बताया कि कार्यशाला में छात्राओं को घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012 (पॉक्सो एक्ट), साइबर अपराध और महिलाओं से जुड़े कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

    कार्यक्रम में पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की प्रबंधक आशा जांगिड और काउंसलर प्रियंका बागड़ी ने छात्राओं को महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा से संबंधित विभिन्न कानूनों और सहायता सेवाओं की जानकारी देते हुए जागरूक किया।

    कार्यशाला में विभाग की फ्लैगशिप योजना ‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ के बारे में भी विस्तार से बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य बालिकाओं के जन्म, शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित एवं प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत बालिकाओं को विभिन्न चरणों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे उनके प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो और उन्हें शिक्षा के लिए प्रेरणा मिल सके।

    इसके अलावा मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि महिलाओं और बालिकाओं को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न व्यवसायों हेतु ऋण एवं प्रोत्साहन सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

    कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं की भी जानकारी दी गई। छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा, घरेलू प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न या संकट की स्थिति में महिलाओं एवं बालिकाओं को वन स्टॉप सेंटर पर काउंसलिंग, कानूनी सहायता, चिकित्सा सहायता, पुलिस सहायता और अस्थायी आश्रय जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती हैं।

    साथ ही छात्राओं को महिला हेल्पलाइन 181, आपातकालीन सेवा 112, साइबर हेल्पलाइन 1930 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी देकर जागरूक किया गया। साइबर फ्रॉड से बचाव और सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने के संबंध में भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।

    कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और महिला सुरक्षा एवं कानूनी अधिकारों से संबंधित विषयों पर जानकारी प्राप्त की।

    मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
    https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1

    अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

    https://missionsach.com/category/india

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here