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    Homeराज्यमध्यप्रदेशअदालतों में चुनावी माहौल, स्टेट बार काउंसिल के लिए हुआ मतदान

    अदालतों में चुनावी माहौल, स्टेट बार काउंसिल के लिए हुआ मतदान

    ग्वालियर: मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल के लिए मंगलवार को ग्वालियर जिला न्यायालय परिसर में मतदान की प्रक्रिया संपन्न हुई। सुबह से ही न्यायालय परिसर का माहौल किसी आम चुनाव की तरह नजर आया, जहाँ काले कोट में सजे अधिवक्ताओं की लंबी कतारें अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए डटी रहीं। जिला न्यायालय के हनुमान मंदिर के समीप स्थित सुभाषचंद्र बोस बार कक्ष को विशेष रूप से मतदान केंद्र बनाया गया था। लोकतंत्र के इस उत्सव में वकीलों ने न केवल बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, बल्कि चुनावी समीकरणों को लेकर दिनभर बहस और चर्चाओं का दौर भी गर्म रहा।

    चुनावी गहमागहमी और कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग

    मतदान की शुरुआत सुबह 10 बजे हुई, जिसके बाद हेल्प डेस्क पर अधिवक्ताओं के परिचय पत्रों की गहन जांच की गई। मतदाता पर्ची प्राप्त करने के बाद अधिवक्ताओं ने निर्धारित बूथों पर जाकर वोट डाले। हालांकि परिसर में प्रत्याशियों के समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद थी, लेकिन पुलिस और चुनाव अधिकारियों की मुस्तैदी के कारण पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। दोपहर तक माहौल काफी गर्म हो गया था और भले ही सीधे चुनाव प्रचार पर रोक थी, लेकिन समर्थकों की सक्रियता साफ इशारा कर रही थी कि मुकाबला काफी दिलचस्प है।

    67.5 प्रतिशत मतदान और 15 जून से मतगणना

    ग्वालियर जिले में कुल 6275 अधिवक्ता मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 4237 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस प्रकार जिले में कुल 67.5 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। शाम 5 बजे तक मतदान की प्रक्रिया चलने के बाद मतपेटियों को सुरक्षित रूप से सील कर दिया गया। अब सभी की नजरें 15 जून पर टिकी हैं, जब प्रदेश स्तर पर मतगणना की शुरुआत होगी। इस चुनाव के परिणाम यह तय करेंगे कि अगले कार्यकाल के लिए स्टेट बार काउंसिल की कमान किन हाथों में होगी।

    विधायक सतीश सिकरवार का वोट निरस्त, पहचान पत्र पर रही सख्ती

    इस चुनाव में एक बड़ा वाकया ग्वालियर पूर्व के विधायक डॉ. सतीश सिकरवार के साथ हुआ। वकालत की डिग्री होने के कारण वे मतदान करने पहुंचे थे, लेकिन दस्तावेजी खामियों और पात्रता संबंधी तकनीकी कारणों से चुनाव अधिकारियों ने उनका वोट निरस्त कर दिया, जिसके चलते वे अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर सके। अधिकारियों ने पहचान पत्र को लेकर काफी सख्ती बरती; केवल उन्हीं वकीलों को वोट डालने दिया गया जिनके पास स्टेट बार काउंसिल या हाई कोर्ट बार एसोसिएशन का वैध आईडी कार्ड था। जिनके पास कार्ड नहीं था, उन्हें अपनी 'सनद' (Enrolment Certificate) दिखानी पड़ी।

    मैदान में 122 प्रत्याशी, ग्वालियर से 12 दावेदार

    मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल चुनाव में इस बार प्रदेशभर से कुल 122 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें से ग्वालियर जिले से 12 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें चार महिला अधिवक्ता भी शामिल हैं। चुनाव को निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए चीफ रिटर्निंग ऑफिसर ऋतुराज सिंह चौहान और रिटर्निंग ऑफिसर एमएनएच रिजवी के साथ एआरओ सीपी सिंह, कल्पना परमार और बृजेश त्यागी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब 15 जून को होने वाली मतगणना के बाद ही ग्वालियर के इन 12 दिग्गजों का भविष्य साफ हो पाएगा।

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