चंडीगढ़। हरियाणा में स्थानीय निकाय और नगर परिषद चुनाव 2026 के लिए मतों की गणना का कार्य बुधवार सुबह 8:00 बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच प्रारंभ हो गया है। शुरुआती रुझानों और घोषित परिणामों ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है, जहाँ भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिल रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों से आ रहे परिणामों ने कहीं सत्ताधारी दल का उत्साह बढ़ाया है, तो कहीं निर्दलीय और विपक्षी उम्मीदवारों ने बड़े उलटफेर कर सत्ता के समीकरणों को चुनौती दी है।
उकलाना में युवा शक्ति का उदय और भाजपा को करारा झटका
उकलाना नगर पालिका के चुनाव परिणामों ने सभी को अचंभित कर दिया है, जहाँ मात्र 23 वर्षीय निर्दलीय उम्मीदवार रीमा सोनी ने इतिहास रचते हुए जीत का परचम लहराया है। कांग्रेस समर्थित रीमा सोनी ने भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी निकिता गोयल को कड़े मुकाबले में पराजित कर चेयरपर्सन की कुर्सी पर कब्जा किया है। यह परिणाम भाजपा के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि इस सीट पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ-साथ पांच कैबिनेट मंत्रियों ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए धुआंधार प्रचार किया था, इसके बावजूद युवा चेहरे ने बाजी मार ली।
रेवाड़ी और धारूहेड़ा में भारतीय जनता पार्टी का वर्चस्व
नगर परिषद रेवाड़ी के चुनावी रण में भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है और 32 वार्डों में से 11 पर विजय हासिल कर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। हालाँकि यहाँ निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए प्रमुख दलों के लिए मुश्किलें खड़ी कीं और कई महत्वपूर्ण वार्डों पर अपनी जीत दर्ज कराई। वहीं धारूहेड़ा नगर पालिका से भाजपा के लिए सुखद खबर आई, जहाँ चेयरमैन पद के प्रत्याशी सत्यनारायण उर्फ अजय जांगड़ा ने जीत दर्ज की है, जिसकी घोषणा होते ही मतगणना केंद्रों के बाहर उत्साही कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी खुशी का इजहार किया।
पंचकूला और सोनीपत में खिला कमल जबकि अंबाला में कांग्रेस की सेंध
पंचकूला जिले के विभिन्न वार्डों में भाजपा का क्लीन स्वीप जैसा प्रदर्शन नजर आया है, जहाँ वार्ड नंबर 6 से पार्थ गुप्ता, वार्ड 8 से राज कुमार जैन और वार्ड 9 से हरेंद्र मलिक ने भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज की है। वहीं सोनीपत के वार्ड 13 से भी भाजपा के महेश लूथरा ने अपनी जीत का लोहा मनवाया है। इसके विपरीत, अंबाला में कांग्रेस ने भाजपा के किले में सेंध लगाने में सफलता प्राप्त की है, जहाँ वार्ड नंबर 8 से कांग्रेस की गुरजीत कौर ने भाजपा उम्मीदवार को 721 मतों के अंतर से पटखनी देकर पार्टी का मनोबल ऊँचा किया है।
सत्ता के गलियारों में हलचल और आगे की राजनीतिक दिशा
निकाय चुनावों के इन परिणामों ने प्रदेश की भावी राजनीति के संकेत देने शुरू कर दिए हैं, जिसमें स्थानीय मुद्दों और व्यक्तिगत छवि का प्रभाव स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया है। जहाँ भाजपा ने शहरी केंद्रों में अपनी संगठनात्मक मजबूती का प्रदर्शन किया है, वहीं निर्दलीयों की भारी जीत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनता ने कई स्थानों पर पारंपरिक दलीय राजनीति से हटकर नए विकल्पों को प्राथमिकता दी है। आने वाले घंटों में बाकी बचे वार्डों और नगर पालिकाओं के परिणाम पूरी तरह स्पष्ट होने के बाद ही राज्य की स्थानीय सरकार का पूर्ण स्वरूप सामने आ पाएगा।


