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    धरने पर MLA भाटी, बोले- ‘जेल छोटी पड़ जाएगी, हिम्मत है तो भेज दो’

    बाड़मेर। राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर के शिव क्षेत्र स्थित गिरल गांव में पिछले एक महीने से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे विधायक रविंद्र सिंह भाटी की तबीयत भीषण गर्मी और लू के प्रकोप के चलते अचानक बिगड़ गई। बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे उनकी स्थिति को देखते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से चिकित्सकों की टीम को तुरंत धरना स्थल पर बुलाया गया। डॉक्टरों ने उनकी जांच करने के बाद वहीं पर उन्हें ड्रिप चढ़ाई और प्राथमिक उपचार प्रदान किया। फिलहाल उपचार के बाद उनकी सेहत में सुधार बताया जा रहा है और वे अब भी धरना स्थल पर ही डटे हुए हैं।

    भीषण हीटवेव और लगातार धरने का सेहत पर असर

    बाड़मेर में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है और पारा रिकॉर्ड स्तर को छू रहा है, जिसका सीधा असर पिछले एक महीने से खुले आसमान के नीचे विरोध प्रदर्शन कर रहे विधायक रविंद्र सिंह भाटी पर पड़ा है। दिन भर चलने वाली गर्म हवाओं और चिलचिलाती धूप के बीच लगातार धरने पर बैठे रहने के कारण उनके शरीर में पानी की कमी और थकान के लक्षण देखे गए। बुधवार की रात होते-होते उनकी शारीरिक स्थिति अधिक खराब हो गई, जिसके बाद समर्थकों और वहां मौजूद लोगों ने तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए प्रशासन को सूचित किया।

    चिकित्सकों की निगरानी में विधायक का प्राथमिक उपचार

    विधायक की तबीयत खराब होने की सूचना मिलते ही स्थानीय पीएचसी के डॉक्टर अपनी टीम और जरूरी चिकित्सा उपकरणों के साथ गिरल गांव पहुंचे। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में पाया कि अत्यधिक गर्मी के संपर्क में रहने के कारण उन्हें डिहाइड्रेशन और कमजोरी की शिकायत हुई थी, जिसके बाद उन्हें रिकवरी के लिए ड्रिप लगाई गई। चिकित्सा दल ने उन्हें कुछ समय आराम करने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है, हालांकि राहत की बात यह रही कि समय पर मिले उपचार के बाद उनकी स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है।

    जनहित की मांगों पर अडिग विधायक का संघर्ष जारी

    अपनी खराब सेहत के बावजूद विधायक रविंद्र सिंह भाटी के हौसले पस्त नहीं हुए हैं और वे उपचार मिलते ही पुनः अपने समर्थकों के बीच धरने पर लौट आए हैं। गिरल गांव में चल रहा यह प्रदर्शन स्थानीय जनसमस्याओं और मांगों को लेकर पिछले एक महीने से अनवरत जारी है, जिसमें विधायक स्वयं नेतृत्व कर रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि प्रशासन की बेरुखी और भीषण गर्मी की चुनौतियों के बाद भी विधायक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और वे अपनी मांगों को मनवाने के लिए पूरी तरह से संकल्पित नजर आ रहे हैं।

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