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    Homeराज्ययूपीCBSE 12वीं में गोरखपुर का दबदबा, मेधावियों ने रचा इतिहास

    CBSE 12वीं में गोरखपुर का दबदबा, मेधावियों ने रचा इतिहास

    गोरखपुर: सीबीएसई 12वीं के नतीजों में चमके मेधावी, संस्कृति और अभिनंदनेश ने जिले में मारी बाजी

    गोरखपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा बुधवार को इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम घोषित किए जाते ही 'गोरक्षनगरी' के शैक्षणिक संस्थानों और घरों में उत्सव जैसा माहौल बन गया। दोपहर करीब दो बजे जैसे ही बोर्ड ने नतीजे ऑनलाइन जारी किए, छात्र-छात्राओं में अपना स्कोर देखने की होड़ मच गई।

    शानदार प्रदर्शन: जिले के टॉपर्स ने गाड़े सफलता के झंडे

    इस वर्ष भी गोरखपुर के छात्र-छात्राओं ने अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। आरपीएम एकेडमी की संस्कृति गुप्ता और क्रिस किंजल स्कूल के अभिनंदनेश ने 98.4 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इनके अलावा आरपीएम एकेडमी की ही उज्ज्वला कुमारी यादव ने 97.8% और निहाल मौर्या ने 97.4% अंक पाकर अपनी प्रतिभा साबित की।

    ऐसा रहा जिले का रिपोर्ट कार्ड

    आंकड़ों के मुताबिक, इस साल गोरखपुर जिले से सीबीएसई 12वीं की परीक्षा के लिए करीब 11 हजार छात्र पंजीकृत थे, जिनमें से 8500 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। इस बार जिले का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 78% रहा, जो पिछले वर्ष के 80% के मुकाबले थोड़ा कम है।

    मेधावियों के सफलता मंत्र: लक्ष्य पर रहा ध्यान

    • अभिनंदनेश अशेष उमर (98.4%): तारामंडल निवासी अभिनंदनेश के पिता शिक्षक और मां गृहिणी हैं। उन्होंने किताबों को ही अपना मित्र बनाया और अब डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। फिलहाल वे 'नीट' (NEET) की तैयारी में जुटे हैं।

    • संस्कृति गुप्ता (98.4%): दाउदपुर की रहने वाली संस्कृति ने अपनी सफलता के लिए सोशल मीडिया से दूरी को अहम बताया। व्यवसायी पिता की पुत्री संस्कृति का सपना अब प्रशासनिक सेवा (UPSC) में जाकर देश सेवा करने का है।

    • उज्ज्वला कुमारी यादव (97.8%): सूरजकुंड निवासी उज्ज्वला ने टाइम टेबल और अनुशासन को अपनी कामयाबी का आधार बताया। उनके पिता स्कूल प्रिंसिपल हैं। उज्ज्वला भी भविष्य में सिविल सर्विस में करियर बनाना चाहती हैं।

    खुशी और मिठाई का दौर

    परिणाम आने के बाद स्कूलों में शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं का मुंह मीठा कराया और उनके उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। वहीं घरों पर भी बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। अभिभावकों ने बच्चों की इस उपलब्धि का श्रेय उनकी कड़ी मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है।

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