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    MP में महंगाई की डबल मार, पेट्रोल-डीजल 3 रुपए महंगे; जानें आपके शहर के नए रेट

    भोपाल: देशभर में ईंधन की कीमतों में आए उछाल के बाद अब मध्य प्रदेश में भी महंगाई का झटका लगा है। राज्य में पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 3 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम जनता के बजट पर सीधा असर पड़ने वाला है। राजधानी भोपाल और इंदौर सहित प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में ईंधन की ये नई और बढ़ी हुई दरें 15 मई से ही प्रभावी हो गई हैं।

    भोपाल और इंदौर में ईंधन के नए दाम

    इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी भोपाल में पेट्रोल की कीमत 106.56 रुपये से बढ़कर अब 109.70 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है। वहीं, डीजल के दाम में 3 रुपये 11 पैसे का इजाफा हुआ है, जिससे इसकी नई कीमत 95.04 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इंदौर में भी पेट्रोल के दाम 106.55 रुपये से बढ़कर 109.86 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं, जबकि डीजल अब 95.06 रुपये प्रति लीटर की दर से मिल रहा है।

    प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों का हाल

    कीमतों में हुए इस बदलाव का असर राज्य के अन्य बड़े शहरों में भी देखा जा रहा है। ग्वालियर में पेट्रोल की कीमत अब 110.02 रुपये और डीजल 95.19 रुपये प्रति लीटर हो गया है। धार्मिक नगरी उज्जैन में पेट्रोल 110.16 रुपये और डीजल 95.34 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। इसके अलावा सागर में पेट्रोल 110.34 रुपये व डीजल 95.47 रुपये, जबकि दमोह में पेट्रोल 110.29 रुपये और डीजल 95.42 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। जबलपुर में भी पेट्रोल की नई कीमत 109.87 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है।

    आम जनता और ट्रांसपोर्ट पर पड़ेगा बोझ

    ईंधन के दाम बढ़ने से आम नागरिकों को चौतरफा महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से जहां एक तरफ लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही का खर्च बढ़ेगा, वहीं दूसरी तरफ माल ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन) महंगी होने से आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। भोपाल जैसे शहरों में, जहां पहले से ही सार्वजनिक परिवहन की सीमित व्यवस्था है, वहां दफ्तर जाने वाले नौकरीपेशा लोगों और फील्ड वर्क करने वालों की जेब पर इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।

    युद्ध के हालात और सरकार की बचत मुहिम

    वैश्विक स्तर पर मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत पर भी पड़ा है। इस संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से ईंधन का सीमित इस्तेमाल करने की अपील की है। पीएम की इस मुहिम का असर मध्य प्रदेश में भी दिखने लगा है, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या 13 से घटाकर 7 कर दी है। इसके अलावा प्रदेश के कई मंत्री और विधायक भी अपने काफिले छोटे कर ई-व्हीकल्स (इलेक्ट्रिक वाहनों) को अपना रहे हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री ने दिल्ली दौरे के दौरान मेट्रो में सफर कर आम लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने का संदेश भी दिया है।

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