More
    Homeदेशबढ़ती ईंधन लागत के खिलाफ डिलिवरी पार्टनर्स का विरोध, कमाई बढ़ाने की...

    बढ़ती ईंधन लागत के खिलाफ डिलिवरी पार्टनर्स का विरोध, कमाई बढ़ाने की मांग हुई तेज

    नई दिल्ली | ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों ने अब ऑनलाइन ऐप और डिलीवरी क्षेत्र में काम करने वाले गिग वर्कर्स की कमर तोड़ दी है। 'गिग और प्लेटफॉर्म सेवा श्रमिक संघ' (GIPSWU) ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियों के खिलाफ एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संघ ने दोटूक मांग रखी है कि डिलीवरी और परिवहन सेवा से जुड़े सभी ऐप कामगारों को कम से कम 20 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जाए। इसके साथ ही, आज दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक देश भर में सभी ऐप आधारित सेवाओं को पूरी तरह बंद रखने का आह्वान किया गया है।

    ईंधन के दामों में उछाल से करोड़ों कामगार संकट में

    यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि 15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी ने लाखों गिग वर्कर्स की आजीविका पर संकट खड़ा कर दिया है। बताया गया है कि लगभग चार साल के लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की दरों में यह पहली इतनी बड़ी वृद्धि है। संघ के आंकड़ों के मुताबिक, इस फैसले की सीधी मार देश के लगभग 1.2 करोड़ गिग और प्लेटफॉर्म कर्मचारियों पर पड़ेगी, जिनमें कैब चालक, फूड डिलीवरी बॉय, लॉजिस्टिक्स और अन्य कूरियर सेवाओं से जुड़े लोग शामिल हैं।

    अंतरराष्ट्रीय तनाव और एलपीजी की मार से बढ़ी मुसीबत

    यूनियन ने तेल की कीमतों में आई इस तेजी के लिए वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के बढ़ते दामों और पश्चिम एशिया में जारी कूटनीतिक व सैन्य तनाव को मुख्य वजह बताया है। संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ घरेलू व व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों के बढ़े दामों ने पहले ही कामगारों का बजट बिगाड़ रखा था, और अब इस नई बढ़ोतरी ने उनके लिए दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा कर दिया है।

    प्रति किलोमीटर 20 रुपये फिक्स करने और हड़ताल की मांग

    सीमा सिंह ने स्विगी, जोमैटो और ब्लिंकिट जैसी दिग्गज तकनीकी कंपनियों के साथ-साथ सरकार को भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि डिलीवरी पार्टनर्स के लिए न्यूनतम 20 रुपये प्रति किलोमीटर की दर तुरंत प्रभाव से लागू नहीं की गई, तो बहुत से लोग इस काम को छोड़ने पर मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने याद दिलाया कि ये कर्मचारी चिलचिलाती गर्मी और विपरीत मौसम में भी बाइक चलाकर सेवाएं देते हैं, इसलिए पेट्रोल की महंगाई का सबसे सीधा और बुरा असर इन्हीं पर होता है। अपनी एकजुटता दिखाने के लिए यूनियन ने शनिवार को 5 घंटे के लिए काम पूरी तरह ठप रखने की अपील की है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here