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    चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों के बीच तमिलनाडु से दस विदेशी नागरिक पकड़े गए

    चेन्नई | तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में विदेशी नागरिकों द्वारा अवैध रूप से मतदान करने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। इस कथित फर्जी वोटिंग की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। चुनाव आयोग का यह फैसला पुलिस द्वारा सौंपी गई उस चौंकाने वाली रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें हवाई अड्डे से देश छोड़कर भागने की फिराक में लगे 10 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार करने का खुलासा हुआ था।

    अमिट स्याही ने खोला पोल, एयरपोर्ट से दबोचे गए विदेशी

    चेन्नई पुलिस के मुताबिक, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अवैध रूप से वोट डालने के आरोप में कुल 10 विदेशी नागरिकों को नौ अलग-अलग मामलों के तहत गिरफ्तार किया गया है। इन सभी को चेन्नई और मदुरै अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से उस समय हिरासत में लिया गया जब वे विदेश जाने वाली फ्लाइट पकड़ने की कोशिश कर रहे थे। एयरपोर्ट सुरक्षा अधिकारियों को सबसे पहले उनकी तर्जनी उंगली (Forefinger) पर लगी चुनावी अमिट स्याही को देखकर शक हुआ, जिसके बाद तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया। शुरुआती जांच में पता चला है कि पकड़े गए आरोपी श्रीलंका, ब्रिटेन और कनाडा की नागरिकता धारक हैं।

    फर्जी भारतीय दस्तावेजों का इस्तेमाल, सीसीबी को सौंपी गई जांच

    पुलिस अधिकारियों ने खुलासा किया है कि इन विदेशी नागरिकों ने मतदान सूची में अपना नाम शामिल करवाने और वोट डालने के लिए जाली भारतीय पहचान पत्रों और दस्तावेजों का सहारा लिया था। फिलहाल इस पूरे फर्जीवाड़े की गहराई से जांच करने की जिम्मेदारी केंद्रीय अपराध शाखा (CCB) को सौंप दी गई है। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगा रही हैं कि इन आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज कहाँ से तैयार करवाए और इसके पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट तो काम नहीं कर रहा है।

    क्या कहते हैं चुनाव आयोग के नियम और कानून?

    निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, भारत में केवल वही व्यक्ति 'ओवरसीज इलेक्टर' (प्रवासी मतदाता) के रूप में अपना पंजीकरण करा सकता है, जो मूल रूप से भारत का नागरिक हो और उसने किसी अन्य देश की नागरिकता स्वीकार न की हो। यदि किसी व्यक्ति ने भारतीय नागरिकता छोड़ दी है, तो उसका मतदान का अधिकार स्वतः ही समाप्त हो जाता है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 20ए के तहत अनिवासी भारतीय (NRI) वोट जरूर डाल सकते हैं, लेकिन इसके लिए मतदान केंद्र पर उन्हें अपना असली और वैध भारतीय पासपोर्ट दिखाना अनिवार्य होता है, जिसका इस मामले में उल्लंघन किया गया।

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