More
    Homeराजस्थानअलवरअलवर में व्यापारी नेता ने किया अतिक्रमण, तोड़ने का नोटिस मिला

    अलवर में व्यापारी नेता ने किया अतिक्रमण, तोड़ने का नोटिस मिला

    निगम को व्यापारी नेता के जवाब का इंतजार

    अलवर शहर में नगर निगम द्वारा जिला व्यापार महासंघ के अध्यक्ष रमेश जुनेजा को जारी किए गए अतिक्रमण नोटिस के बाद राजनीतिक और व्यापारिक हलकों में जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई है। निगम की ओर से जारी नोटिस में आरोप लगाया गया है कि रोड नंबर-2 स्थित जुनेजा इलेक्ट्रिक के बाहर  अतिक्रमण किया गया है । निगम ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए तीन दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर नगर निगम स्वयं अतिक्रमण हटाएगा और उसका पूरा खर्च संबंधित पक्ष से वसूला जाएगा।

    इस नोटिस के सामने आने के बाद शहर में यह मामला चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। वजह यह है कि रमेश जुनेजा केवल व्यापार महासंघ के अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि भाजपा से जुड़े प्रभावशाली नेताओं में भी गिने जाते हैं। ऐसे में आम लोगों और व्यापारियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब व्यापारियों के हितों की आवाज उठाने वाले नेता ही नियमों का उल्लंघन करेंगे तो फिर छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई को किस नजर से देखा जाएगा।

    सूत्रों के अनुसार नगर निगम पिछले कुछ समय से शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चला रहा है। कई बाजारों और मुख्य सड़कों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इसी क्रम में रोड नंबर-2 क्षेत्र का निरीक्षण किया गया, जहां निगम अधिकारियों ने जुनेजा इलेक्ट्रिक के बाहर अतिक्रमण पाए जाने का दावा किया। इसके बाद निगम की ओर से विधिवत नोटिस जारी किया गया।

    नोटिस के बाद व्यापारिक संगठनों में भी हलचल तेज हो गई है। कुछ व्यापारी इसे निगम की सामान्य कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि इतने बड़े व्यापारिक नेता को नोटिस दिए जाने से यह संदेश गया है कि निगम अब किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने से पीछे नहीं हट रहा। वहीं दूसरी ओर शहर में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि यदि व्यापार महासंघ के शीर्ष पदों पर बैठे लोग ही अतिक्रमण के आरोपों में घिरेंगे तो आम व्यापारियों के सामने संगठन की नैतिक स्थिति कमजोर पड़ सकती है।

    राजनीतिक गलियारों में भी इस मामले को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने इसे “दोहरे मापदंड” का उदाहरण बताते हुए सवाल उठाए हैं कि अक्सर छोटे दुकानदारों पर सख्ती दिखाई जाती है, लेकिन प्रभावशाली लोगों के मामलों में कार्रवाई धीमी रहती है। हालांकि इस बार निगम की ओर से सीधे नोटिस जारी होने को कई लोग प्रशासनिक सख्ती के रूप में देख रहे हैं।

    फिलहाल शहर की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि रमेश जुनेजा की ओर से इस नोटिस पर क्या जवाब दिया जाता है और नगर निगम आगे क्या कार्रवाई करता है। यदि तय समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो निगम की अगली कार्रवाई शहर में बड़ा संदेश देने वाली साबित हो सकती है।

    मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
    https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1

    अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

    https://missionsach.com/category/india

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here