अलवर में 52 शिक्षण संस्थानों तक पहुंचा ‘अनुभूति कार्यक्रम’, हजारों छात्र-छात्राओं को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का दिया संदेश
अलवर। सरिस्का टाइगर रिज़र्व द्वारा संचालित “अनुभूति कार्यक्रम” के माध्यम से विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विशेष नवाचार गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और स्थानीय समुदाय को पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण तथा वन्यजीवों के महत्व के प्रति जागरूक करना है।
सरिस्का टीम की ओर से सरकारी एवं निजी विद्यालयों, इंटर कॉलेजों और डिग्री कॉलेजों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक 52 विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें लगभग 7447 छात्र-छात्राएं एवं 334 शिक्षकों ने भाग लिया है।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को बाघ एवं अन्य वन्यजीव प्रजातियों के पर्यावरणीय महत्व, मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व तथा स्वच्छ पर्यावरण की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही युवाओं को प्रकृति संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जा रहा है।
कार्यक्रम की नवाचार पद्धति के तहत प्रोजेक्टर और पीपीटी के माध्यम से शिक्षण, संवाद आधारित कार्यशालाएं, वन्यजीव एवं पर्यावरण आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन, पोस्टर एवं चित्र प्रदर्शनी तथा प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
सरिस्का क्षेत्र के आसपास स्थित विभिन्न शिक्षण संस्थानों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्थानीय समुदाय द्वारा इस अभियान को सक्रिय सहयोग मिल रहा है। वन विभाग का मानना है कि इस तरह की पहल से युवाओं में वन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा और वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
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