More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशट्विशा केस में नया दावा: मौत के अगले दिन गिरिबाला सिंह ने...

    ट्विशा केस में नया दावा: मौत के अगले दिन गिरिबाला सिंह ने कई लोगों को किए कॉल

    भोपाल। राजधानी भोपाल में सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की रहस्यमयी मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। घटना के 8 दिन बीत जाने के बाद भी मायके पक्ष ने मृतका के शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया है। परिजनों की जिद है कि जब तक शव का दोबारा पोस्टमार्टम (रि-पोस्टमार्टम) नहीं कराया जाता, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस बीच, मृतका के परिवार ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह की भूमिका को लेकर कई सनसनीखेज दावे किए हैं, जिससे मामला और गरमा गया है।

    ज्यूडिशरी के लोगों और सीसीटीवी मैकेनिक को फोन करने का दावा

    ट्विशा के मायके वालों का आरोप है कि मौत के अगले दिन यानी 13 मई को गिरिबाला सिंह ने कई संदिग्ध फोन कॉल्स किए थे। इनमें न्यायपालिका (ज्यूडिशरी) से जुड़े कई रसूखदार लोग और जज शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने घर में सीसीटीवी कैमरा लगाने वाले तकनीशियन को भी फोन मिलाया था। परिजनों ने मांग की है कि निष्पक्ष जांच के लिए इन सभी नंबरों का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), टॉवर लोकेशन, व्हाट्सएप चैट्स, ईमेल, एसएमएस और डिजिटल मेटा डेटा जैसे अहम साक्ष्यों को तुरंत सुरक्षित (प्रिजर्व) किया जाए, ताकि सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और बयानों में भारी विरोधाभास

    इस पूरे मामले में पुलिस को दिए गए बयान और तकनीकी साक्ष्य आपस में मेल नहीं खा रहे हैं, जिससे संशय की स्थिति बनी हुई है:

    • बयान बनाम फुटेज: पूर्व जज गिरिबाला सिंह के मुताबिक, 12 मई की रात करीब 9:30 बजे ट्विशा अपने कमरे में गई थी और उसके बाद किसी से बात नहीं हुई। जबकि सीसीटीवी फुटेज में रात 8:30 बजे ही ट्विशा के शव को नीचे उतारते हुए देखा जा रहा है। हालांकि, तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि कैमरे की सेटिंग्स या गड़बड़ी के कारण समय में यह अंतर आ सकता है।

    • चोट के निशान: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर कई जगह चोटों के निशान (मल्टीपल इंजरी) मिले हैं। साथ ही रिपोर्ट में फांसी के फंदे (लिगेचर मटेरियल) के इस्तेमाल का कोई स्पष्ट जिक्र नहीं है, जिससे खुदकुशी की थ्योरी पर सवाल उठ रहे हैं।

    हाईकोर्ट से झटका, शव न जलाने की जिद पर अड़ा परिवार

    दूसरी तरफ, मामले में नया मोड़ तब आया जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने परिजनों की दोबारा पोस्टमार्टम कराने वाली याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। इसके बावजूद ट्विशा के माता-पिता का कहना है कि जब तक दोबारा जांच नहीं होती और इस हाई-प्रोफाइल मामले को किसी दूसरे राज्य की पुलिस को ट्रांसफर नहीं किया जाता, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिजनों ने यह भी दावा किया कि पहले पुलिस कमिश्नर ने दोबारा पोस्टमार्टम के लिए सहमति दे दी थी, लेकिन बाद में प्रशासन अपने कदम से पीछे हट गया। पुलिस फिलहाल सभी बिंदुओं पर तफ्तीश कर रही है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here