पटना: जन सुराज पार्टी के मुखिया और जाने-माने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने आगामी विधानसभा चुनावों तक एक आश्रम में शिफ्ट होने का एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा फैसला किया है। बुधवार को उन्होंने पटना के बाहरी इलाके में स्थित एक आश्रम में शरण ले ली और अब वे यहीं रहकर अपनी पार्टी की तमाम राजनीतिक गतिविधियों का संचालन करेंगे। प्रशांत किशोर का कहना है कि जब तक उनकी पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी मजबूत जगह नहीं बना लेती, तब तक वे इसी आश्रम को अपना ठिकाना बनाए रखेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे मंगलवार की रात को ही गुपचुप तरीके से पटना स्थित अपने निजी आवास से सामान समेटकर निकल गए थे।
'बिहार नवनिर्माण आश्रम' होगा नया राजनीतिक ठिकाना
आश्रम में पूरी तरह शिफ्ट होने के बाद प्रशांत किशोर ने मीडिया से खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि कल रात वे पटना के उस घर को छोड़ चुके हैं जहां वे अब तक रहा करते थे। उन्होंने अपने नए पते का खुलासा करते हुए कहा कि अब उनका नया ठिकाना आईआईटी (IIT) पटना के पास स्थित ‘बिहार नवनिर्माण आश्रम’ होगा। प्रशांत किशोर ने संकल्प लेते हुए कहा कि जब तक बिहार का अगला विधानसभा चुनाव संपन्न नहीं हो जाता, तब तक वे इसी साधारण आश्रम में ही जीवन बिताएंगे। उन्हें पूरा भरोसा है कि जन सुराज पार्टी इस बार बिहार की सियासत में अपनी गहरी छाप छोड़ने में जरूर कामयाब होगी।
पीएम मोदी, नीतीश और लालू के बहकावे में न आने की अपील
जनता को संदेश देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के लोगों को इस बार मतदान करते समय किसी नेता के चेहरे को देखने के बजाय अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य के बारे में जरूर सोचना चाहिए। उन्होंने बिहार के मतदाताओं को आगाह किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार या लालू प्रसाद यादव जैसे कद्दावर नेताओं के लोकलुभावन बहकावे में आने से बचें। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी भारी सैन्य तनाव का जिक्र करते हुए आर्थिक मंदी की चेतावनी भी दी। उन्होंने दावा किया कि इस अंतरराष्ट्रीय टकराव की वजह से आने वाले दिनों में देश में ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं और किसानों के लिए खाद की भारी किल्लत पैदा हो सकती है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 25 एकड़ के बंगले पर उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार पर सरकारी धन की फिजूलखर्ची को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बिहार आज भी देश के सबसे पिछड़े और गरीब राज्यों की सूची में शामिल है, लेकिन यहां के हुक्मरान जमकर सरकारी पैसे की बर्बादी कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य के मुख्यमंत्री खुद 25 एकड़ के आलीशान सरकारी आवास में ठाट-बाट से रहते हैं, जिसके रखरखाव में जनता के टैक्स का करोड़ों रुपया पानी की तरह बहाया जा रहा है। उन्होंने यहां तक दावा किया कि इस बंगले को और ज्यादा बड़ा और आधुनिक बनाने की तैयारी चल रही है। गौरतलब है कि प्रशांत किशोर और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच का यह राजनीतिक विवाद कोई नया नहीं है, इससे पहले भी दोनों नेता एक-दूसरे पर कई गंभीर आरोप लगा चुके हैं।

