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    घाटे में गिरावट के बावजूद Ola Electric शेयर दबाव में

    मुंबई। देश की दिग्गज इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता कंपनी ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड के शेयरों में आज गुरुवार (21 मई) को भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी का स्टॉक शुरुआती कारोबार में करीब 6 प्रतिशत टूटकर 34.83 रुपये के निचले स्तर पर आ गया। दरअसल, कंपनी ने एक दिन पहले ही अपने चौथी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए थे, जिसमें सालाना आधार पर घाटे में तो बड़ी कमी आई है, लेकिन परिचालन राजस्व (Revenue) में आई भारी गिरावट के चलते बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।


    चौथी तिमाही में घाटा घटकर हुआ 500 करोड़, मगर रेवेन्यू 91% लुढ़का

    जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के दौरान ओला इलेक्ट्रिक के वित्तीय संकेतकों में मिला-जुला असर देखने को मिला। कंपनी का शुद्ध समेकित घाटा (Consolidated Net Profit) सालाना आधार पर 42.5 फीसदी कम होकर 500 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 870 करोड़ रुपये था। हालांकि, इस दौरान ऑपरेशंस से मिलने वाला कंसोलिडेटेड रेवेन्यू लगभग 91 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ महज 56.6 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो मार्च 2025 तिमाही में 611 करोड़ रुपये था। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी का कुल शुद्ध घाटा 1,833 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 2,253 करोड़ रुपये रहा है।

    सालाना 1.73 लाख से अधिक ई-स्कूटर्स की डिलीवरी, अगली तिमाही में बाउंस बैक की उम्मीद

    वाहन डिलीवरी के मोर्चे पर कंपनी ने मजबूत पकड़ बनाए रखी है। ओला इलेक्ट्रिक ने जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कुल 20,256 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स ग्राहकों को सौंपे। वहीं, पूरे वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने रिकॉर्ड 1,73,794 यूनिट्स की डिलीवरी पूरी की। भविष्य के अनुमानों को लेकर कंपनी काफी सकारात्मक है; मैनेजमेंट को उम्मीद है कि आगामी अप्रैल-जून 2026 तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सुधरकर 500-550 करोड़ रुपये के बीच पहुंच जाएगा और इस दौरान करीब 40,000 से 45,000 यूनिट्स के नए ऑर्डर्स मिलने की संभावना है।

    3 महीने में 33% रिटर्न देने वाले स्टॉक पर ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म्स ने जताई चिंता

    अगस्त 2024 में 6,145.56 करोड़ रुपये के भारी-भरकम आईपीओ (IPO) के साथ लिस्ट होने वाली ओला इलेक्ट्रिक का मार्केट कैप फिलहाल 15,500 करोड़ रुपये से अधिक है। पिछले 3 महीनों में इस शेयर ने निवेशकों को 33 फीसदी का दमदार रिटर्न दिया है, लेकिन ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस इसके भविष्य को लेकर अभी भी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं:

    • Citi की 'सेल' रेटिंग: ब्रोकरेज फर्म 'सिटी' ने टारगेट प्राइस को 22 रुपये से बढ़ाकर 26 रुपये तो किया है, लेकिन इस पर अपनी "सेल" (बेचने की) रेटिंग बरकरार रखी है। उनका मानना है कि कंपनी के मार्जिन में सुधार तो है, पर मुनाफे के लिए जरूरी वॉल्यूम ग्रोथ की अब भी कमी है।

    • HSBC का रुख: एचएसबीसी ने इस स्टॉक का टारगेट प्राइस घटाकर 33 रुपये प्रति शेयर कर दिया है और अपनी रेटिंग 'रिड्यूस' (हिस्सेदारी घटाने) की रखी है।

    • Emkay Global: एमके ग्लोबल ने शेयर के लिए अपना टारगेट प्राइस 20 रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये प्रति शेयर तय किया है।

    प्रमोटर होल्डिंग और 52 हफ्तों का उतार-चढ़ाव

    मार्च 2026 के अंत तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ओला इलेक्ट्रिक में प्रमोटर्स के पास 34.59 प्रतिशत की हिस्सेदारी बनी हुई है। बीएसई 500 इंडेक्स का हिस्सा बन चुके इस शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई लेवल 71.24 रुपये रहा है, जबकि इसका एडजस्टेड लो लेवल 21.21 रुपये प्रति शेयर है। बाजार के जानकारों का मानना है कि अगली तिमाही के रेवेन्यू और ऑर्डर बुक के वास्तविक आंकड़ों के बाद ही इस शेयर की अगली दिशा तय होगी।

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