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    भाई पर भरोसा टूटा, सगे भाई ने घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया

    जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के चरगवां थाना इलाके से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक शख्स ने अपने ही सगे भाई के घर में लाखों रुपये की बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दे डाला। पीड़ित भाई की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चरगवां थाना पुलिस ने महज कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी भाई को दबोच लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर शत-प्रतिशत चोरी गया माल बरामद कर लिया है, जिसमें लगभग 5 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और 73,400 रुपये की नकदी शामिल है।


    खुशियों के माहौल में रची साजिश, रात के अंधेरे में नकदी और आभूषण लेकर हुआ रफूचक्कर

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, चरगवां के ग्राम कोटावारी निवासी पीड़ित मोहित झारिया के घर पर एक विवाह समारोह का आयोजन चल रहा था। इस मांगलिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए उसका सगा भाई मोहन मेहरा भी आया हुआ था। उत्सव के माहौल का फायदा उठाते हुए शातिर भाई मोहन ने चुपके से घर की तिजोरी और कीमती सामान वाली पेटी की रेकी कर ली। 18 मई 2026 की रात जब पूरा परिवार शादी की व्यस्तता के बाद गहरी नींद में सो रहा था, तब आरोपी ने पेटी खोलकर सोने की 3 पांचाली, 2 मंगलसूत्र, चांदी की करधन, पायल, बिछिया और बच्चों के कंगन समेत 74 हजार रुपये नकद उड़ा दिए। चोरी के बाद वह रात में ही अपने नारायणपुर (तिलवारा) स्थित ठिकाने पर भाग गया ताकि किसी को शक न हो।

    अचानक गायब होने पर गहराया शक, कड़ाई से पूछताछ में भाई ने उगला सच

    अगले दिन सुबह जब घर में चोरी होने की बात पता चली तो परिजनों के होश उड़ गए। चरगवां थाना पुलिस ने जब तफ्तीश शुरू की और कार्यक्रम में आए मेहमानों की लिस्ट खंगाली, तो पता चला कि मोहित का भाई मोहन मेहरा बिना किसी को बताए रात को ही अचानक शादी से गायब हो गया था। संदेह के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर मोहन को हिरासत में लिया। पहले तो वह मुकरता रहा, लेकिन जब पुलिस ने मनोवैज्ञानिक तरीके से कड़ाई बरती तो वह टूट गया और उसने अपने ही भाई के घर डकैती डालने की बात कबूल कर ली।

    खोखा रोड नहर की पुलिया के नीचे छिपाया था खजाना, ₹600 किए थे खर्च

    आरोपी मोहन ने पूछताछ में बताया कि चोरी करने के बाद वह घबरा गया था और उसने पूरे माल को सुरक्षित ठिकाने पर लगाने के लिए खोखा रोड नहर की पुलिया के नीचे छिपा दिया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम ने नहर के पास से 5 लाख रुपये के सारे जेवरात बरामद कर लिए। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने चोरी की नकदी में से केवल 600 रुपये खर्च किए थे, जिसके चलते पुलिस ने बाकी बचे 73,400 रुपये भी पूरी तरह रिकवर कर लिए हैं। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

    जबलपुर कप्तान के निर्देश पर इस जांबाज टीम ने सुलझाई गुत्थी

    जबलपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) सम्पत उपाध्याय द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत इस मामले को प्राथमिकता से लिया गया। एडिशनल एसपी (यातायात) सुश्री अंजना तिवारी और सीएसपी बरगी अंजुल अयंक मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में चरगवां थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम तैयार की गई थी। इस केस को चंद घंटों में क्रैक करने में उप निरीक्षक अभिषेक प्यासी, एएसआई प्रकाश सिंह पटैल, हेड कांस्टेबल ओंकार पाठक, कांस्टेबल बसंत मेहरा, संदीप कौरव और रामकुमार कुशवाहा की सूझबूझ और सक्रियता सराहनीय रही।

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