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    Homeमनोरंजनदहेज उत्पीड़न मामलों पर फूटा सितारों का गुस्सा

    दहेज उत्पीड़न मामलों पर फूटा सितारों का गुस्सा

    मुंबई। देश में हाल ही में सामने आए दहेज उत्पीड़न से जुड़े मामलों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। दीपिका नागर और ट्विशा शर्मा की मौत के बाद सोशल मीडिया पर गुस्से और बहस का माहौल है। इन घटनाओं को लेकर कई बॉलीवुड हस्तियों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी, अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत तथा गायिका चिन्मई श्रीपदा ने समाज और परिवारों की सोच पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
    पूर्व आर्मी ऑफिसर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर खुशबू पाटनी ने इंस्टाग्राम पर कई पोस्ट साझा कर इन मामलों में न्याय की मांग की। उन्होंने लिखा कि दहेज की आग में जलती हर बेटी एक बड़ा सवाल छोड़ जाती है कि क्या शादी वास्तव में इतनी जरूरी है। खुशबू ने समाज की उस मानसिकता पर भी निशाना साधा, जिसमें लड़कियों को कम उम्र से ही शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार किया जाता है। उन्होंने लिखा कि समाज हमेशा यह सिखाता है कि एक उम्र के बाद शादी कर लेना चाहिए और अकेली लड़की अच्छी नहीं लगती, लेकिन कोई यह नहीं सिखाता कि अकेले रहना भी एक कला है और खुद के साथ खुश रहना भी जिंदगी जीने का तरीका हो सकता है। खुशबू पाटनी ने माता-पिता की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई बार प्रताड़ना सह रही बेटियां अपने परिवार को पहले ही बता देती हैं कि वे खुश नहीं हैं, लेकिन उन्हें समझौता करने की सलाह देकर चुप करा दिया जाता है। उनके मुताबिक कई मामलों में यही चुप्पी बेटियों की मौत का कारण बन जाती है।
    इसी मुद्दे पर कंगना रनौत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि अंत में एक महिला को खुद ही अपनी रक्षा करनी पड़ती है। कंगना ने कहा कि कई पढ़ी-लिखी लड़कियां मुश्किल हालात से निकलने के लिए अपने माता-पिता से मदद मांगती हैं, लेकिन भारतीय समाज में शादी के बाद बेटियों से दूरी बना लेने की प्रवृत्ति आज भी देखने को मिलती है। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की सलाह देते हुए कहा कि करियर किसी भी रिश्ते से अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है और शादी से पहले हर लड़की का अपने पैरों पर खड़ा होना जरूरी है।
    वहीं गायिका चिन्मई श्रीपदा ने कन्यादान जैसी परंपराओं पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि समाज में कई लोग आज भी महिलाओं को एक वस्तु की तरह देखते हैं, जिसे विवाह के बाद ससुराल को सौंप दिया जाता है। उन्होंने कहा कि एक बार कन्यादान हो जाने के बाद कई परिवार बेटियों की परेशानियों को नजरअंदाज करने लगते हैं। इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर दहेज प्रथा, महिलाओं की सुरक्षा और पारिवारिक सोच को लेकर बहस तेज हो गई है। कई लोग इन सितारों की बातों का समर्थन कर रहे हैं और समाज में मानसिकता बदलने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।

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