ठाणे (मुंब्रा)। आगामी बकरीद त्योहार की तैयारियों के बीच महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंतर्गत आने वाले मुंब्रा इलाके से एक बेहद हैरान और डरा देने वाला वाकया सामने आया है। यहाँ एक आवासीय इमारत की तीसरी मंजिल पर एक बकरा बेहद खतरनाक ढंग से हवा में लटका हुआ नजर आया। यह पूरी घटना मुंब्रा के कौसा क्षेत्र की है, जिसे देखते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों की सूझबूझ और तत्परता के चलते बकरे को सुरक्षित बचा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
लोहे की जाली के बीच बिगड़ा संतुलन, तीसरी मंजिल से लटका
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह बकरा किसी तरह इमारत की गैलरी (बालकनी) और सुरक्षा के लिए लगाई गई लोहे की जाली के बीच में जाकर फंस गया था। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह तीसरी मंजिल से सीधे नीचे की तरफ हवा में लटक गया। इतनी ऊंचाई पर फंसे होने के कारण बेजुबान जानवर बुरी तरह घबराकर छटपटा रहा था और काफी देर तक खुद को बचाने के लिए जद्दोजहद करता रहा।
मुंब्रा के युवाओं का साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन
हवा में लटके बकरे पर जैसे ही नीचे से गुजर रहे राहगीरों और पड़ोसियों की नजर पड़ी, चारों तरफ शोर मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत स्थानीय युवाओं को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही मुंब्रा के कुछ जांबाज युवक बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुंचे और राहत बचाव कार्य (रेस्क्यू ऑपरेशन) शुरू किया। युवाओं ने रस्सियों के घेरे और अन्य साधनों की मदद से बेहद सावधानी बरतते हुए बकरे को ऊपर की तरफ खींचा और सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस पूरे रेस्क्यू के दौरान नीचे खड़े लोग सांसें थामकर दुआएं मांगते नजर आए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ रोंगटे खड़े करने वाला वीडियो
इस हैरतअंगेज घटनाक्रम को नीचे खड़े कई लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। अब इस रेस्क्यू ऑपरेशन का रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर युवकों ने थोड़ी भी देर की होती, तो बकरा सीधे कंक्रीट की सड़क पर गिर जाता और उसकी जान नहीं बच पाती। युवाओं के इस त्वरित और साहसिक प्रयास की चारों तरफ सराहना हो रही है।
सस्पेंस बरकरार: आखिर ऊंचाई पर कैसे पहुंचा बकरा?
इस पूरी घटना के बाद इलाके में यह कौतूहल का विषय बना हुआ है कि आखिर वह बकरा उस ऊंचाई तक और लोहे की जाली के पार कैसे पहुंचा? अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बकरा गलती से भटकते हुए वहां तक चला गया था या फिर उसे त्योहार के मद्देनजर कुर्बानी के लिए वहां लाकर बांधा गया था। फिलहाल, बकरे के पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद मकान मालिक और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।


