राजगीर: बिहार के प्रसिद्ध राजगीर मलमास मेले में दर्शन कर अपने घर वापस जा रहे श्रद्धालुओं की खुशियां मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में बदल गईं। खिजरसराय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आईमा मंदिर के समीप एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रक ने सवारियों से खचाखच भरे ऑटो को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। इस भयानक भिड़ंत में ऑटो में सवार करीब 10 से 12 श्रद्धालु गंभीर रूप से चोटिल हो गए। घायलों में दो महिलाओं की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। टक्कर के बाद घटना स्थल पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते स्थानीय लोगों का जमावड़ा लग गया।
दर्शन कर गांव लौट रहा था परिवार, रास्ते में काल बनकर आया ट्रक
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहादुर बीघा गांव के रहने वाले श्रद्धालु राजगीर के ऐतिहासिक मलमास मेले का आनंद लेकर ऑटो रिजर्व कर अपने गांव वापस आ रहे थे। जैसे ही उनका ऑटो आईमा मंदिर के पास पहुँचा, विपरीत दिशा से आ रहे एक भारी ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और वह पलटते हुए सड़क किनारे जा गिरा। हादसे के बाद गाड़ी में फंसे बच्चे और महिलाएं मदद के लिए चिल्लाने लगे।
ग्रामीणों ने दिखाई इंसानियत, निजी गाड़ियों से घायलों को पहुँचाया अस्पताल
हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े। स्थानीय लोगों ने अपनी सूझबूझ से बिना वक्त गंवाए ऑटो में फंसे लहूलुहान यात्रियों को बाहर निकाला। ग्रामीणों ने तुरंत अपने निजी वाहनों और एम्बुलेंस का इंतजाम कर सभी घायलों को इलाज के लिए खिजरसराय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, घायल यात्रियों में बिंदी देवी और ममता देवी को गंभीर आंतरिक चोटें आई हैं, जिसके चलते उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
ट्रक छोड़कर भागा ड्राइवर, पुलिस ने वाहन को किया जब्त
दुर्घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ट्रक चालक पकड़े जाने के डर से गाड़ी को बीच सड़क पर ही छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से रफूचक्कर हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही खिजरसराय थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुँची और यातायात को सुचारू कराया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और ऑटो को अपने कब्जे में ले लिया है और गाड़ी के नंबर के आधार पर फरार चालक की तलाश में दबिश दे रही है।
भारी वाहनों की रफ्तार पर नहीं है लगाम, स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश
इस दर्दनाक हादसे के बाद से स्थानीय निवासियों और समाजसेवियों में प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मुख्य मार्ग पर भारी और व्यावसायिक वाहनों की गति सीमा पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिसके कारण आए दिन इस तरह के जानलेवा हादसे होते रहते हैं। लोगों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि इस रूट पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं और तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ सख्त चेकिंग अभियान चलाया जाए।


