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    रामगोपाल वर्मा बोले- ‘धुरंधर’ की सफलता से घबराए लोग, रणवीर के पक्ष में दिया बयान

    जब फिल्म ‘धुरंधर’ सिनेमाघरों में आई थी, तब बॉलीवुड के ज्यादातर दिग्गजों ने इस पर चुप्पी साध ली थी। इसके बावजूद फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ने हर किसी को हैरान कर दिया और इसके दूसरे भाग ‘धुरंधर 2’ ने तो 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर इतिहास रच दिया। उस दौरान फिल्म इंडस्ट्री में केवल मशहूर निर्देशक रामगोपाल वर्मा ही ऐसे थे, जो खुलकर रणवीर सिंह और ‘धुरंधर’ फ्रैंचाइज की सराहना कर रहे थे।

    अब जब निर्देशक फरहान अख्तर की आगामी फिल्म ‘डॉन 3’ से अलग होने के कारण रणवीर सिंह पर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा कथित प्रतिबंध (बैन) लगाने की खबरें आ रही हैं, तब एक बार फिर रामगोपाल वर्मा खुलकर इस अभिनेता के बचाव में आ गए हैं और उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों को आड़े हाथों लिया है।

    ट्वीट कर फिल्म फेडरेशन पर साधा निशाना

    शुक्रवार देर रात रामगोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया पर एक तीखा पोस्ट साझा करते हुए लिखा, "बैन रणवीर सिंह पर नहीं, बल्कि FWICE पर लगना चाहिए। यह तथाकथित पाबंदी या असहयोग आंदोलन इस संस्था के लिए खुद एक बड़ा मजाक साबित होगा। इससे न तो फिल्म जगत का कोई भला होने वाला है और न ही उन दिहाड़ी मजदूरों का, जिनकी सुरक्षा का यह दावा करते हैं। यह सिर्फ एक पुराने ढर्रे की यूनियन द्वारा अपनी घटती साख और ताकत को जबरन दिखाने की नाकाम कोशिश है।"

    'धुरंधर' की कामयाबी से जोड़ा पूरा विवाद

    रामगोपाल वर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम को रणवीर सिंह की पिछली ब्लॉकबस्टर फिल्म की सफलता से जोड़ते हुए बड़ा दावा किया। उन्होंने आगे लिखा, "FWICE न तो कोई कानूनी अदालत है और न ही सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कोई नियामक संस्था। इसे महज एक 'कंगारू कोर्ट' कहा जा सकता है, जो न्याय का ढोंग तो करती है लेकिन असल में कानूनी प्रक्रियाओं और निष्पक्षता की धज्जियां उड़ाती है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि यह फैसला कुछ खास एजेंडा चलाने वाले लोगों के समूह ने बंद कमरों में लिया है। इस गुट में वे लोग और कलाकार भी शामिल हैं, जो रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ की ऐतिहासिक सफलता से अंदर ही अंदर डरे हुए हैं।"

    रामगोपाल वर्मा के इस बेबाक बयान पर सोशल मीडिया यूजर्स की भी काफी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और कई लोग उनके इस तर्क का समर्थन कर रहे हैं।

    "कलाकारों से चलती है इंडस्ट्री, संस्थाओं से नहीं"

    अपनी बात को खत्म करते हुए निर्देशक ने लिखा, "सिनेमाघरों में दर्शकों को खींचने और टिकट बिकवाने का दम रणवीर सिंह जैसे स्टार्स में है, न कि किसी फेडरेशन में। रणवीर जैसे बड़े कलाकार ही फिल्म उद्योग में लाखों कामगारों और मजदूरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करते हैं। इन्हीं सितारों की बदौलत यह पूरी इंडस्ट्री टिकी हुई है और इन्हीं की वजह से FWICE जैसी संस्थाओं का अस्तित्व है। इसलिए मेरी यह साफ सलाह है कि दो पक्षों के निजी विवाद में इस तरह जबरन टांग अड़ाना बंद किया जाना चाहिए।"

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