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    फ्लाईओवर परियोजना पर उठे सवाल, कुम्हेर गेट फ्लाईओवर को प्राथमिकता देने की मांग

    फ्लाईओवर निर्माण की बजाय शहर विकास कार्यों पर खर्च हो बचत राशि : सीताराम गुप्ता

    भरतपुर। शहर में लगभग 370 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन फ्लाईओवर परियोजनाओं को लेकर समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर अपने सुझाव एवं तथ्यात्मक पक्ष रखे। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भरतपुर को सुंदर और भविष्य के अनुरूप विकसित शहर बनाने की सोच रखते हैं, लेकिन वर्तमान स्वरूप में दोनों फ्लाईओवर परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करना चुनौतीपूर्ण दिखाई देता है।

    सीताराम गुप्ता ने कहा कि यदि काली की बगीची से सूरजपोल चौराहे तक प्रस्तावित फ्लाईओवर परियोजना को निरस्त कर दिया जाए तो शहर के कई महत्वपूर्ण विकास कार्य अगले दो वर्षों में पूरे किए जा सकते हैं। इससे मुख्यमंत्री को भी विकास कार्यों का पूरा श्रेय मिलेगा और शहर अधिक सुंदर एवं व्यवस्थित बन सकेगा।

    उन्होंने सुझाव दिया कि भरतपुर के लिए दो बड़े फ्लाईओवरों की अपेक्षा बेहतर यातायात प्रबंधन और दीर्घकालिक शहरी नियोजन अधिक आवश्यक है। उन्होंने रिंग रोड को छह लेन में विकसित करने की पैरवी करते हुए कहा कि इससे आगामी 25 वर्षों तक बढ़ते यातायात दबाव को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।

    गुप्ता ने कहा कि यदि दोनों फ्लाईओवर परियोजनाओं को निरस्त करना संभव नहीं हो तो हीरादास से कुम्हेर गेट तक प्रस्तावित फ्लाईओवर को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, क्योंकि उसके लिए आवश्यक निर्माण सामग्री एवं ब्लॉक पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं। वहीं काली की बगीची–सूरजपोल फ्लाईओवर अभी प्रारंभिक चरण में है और उसका 10 प्रतिशत कार्य भी पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में इस परियोजना को रोककर सरकार बड़ी वित्तीय बचत कर सकती है।

    उन्होंने सुझाव दिया कि बचाई गई राशि का उपयोग शहर के ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने, रारह पुल के पुनर्निर्माण, सुजान गंगा के जीर्णोद्धार, यातायात सुधार, पार्किंग व्यवस्था और शहर सौंदर्यीकरण जैसे जनहितकारी कार्यों में किया जाए, जिससे नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।

    पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि फ्लाईओवर निर्माण कार्यों के कारण रिंग रोड के कई हिस्से प्रभावित हो रहे हैं, जिससे शहर की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। व्यापारिक क्षेत्रों में ग्राहकों की आवाजाही कम होने से व्यापार प्रभावित हुआ है, जबकि विद्यार्थियों, मरीजों, व्यापारियों और आम नागरिकों को रोजाना लंबे ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है।

    उन्होंने यह भी कहा कि भरतपुर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक भी जाम की समस्या से प्रभावित हो रहे हैं, जिससे शहर की पर्यटन छवि पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। इसके अलावा अधिकांश शहरों में फ्लाईओवरों के नीचे अतिक्रमण, गंदगी, अव्यवस्थित पार्किंग, असामाजिक गतिविधियों और आवारा पशुओं का जमावड़ा देखने को मिलता है, जो शहरी सौंदर्य और स्वच्छता को प्रभावित करता है।

    सीताराम गुप्ता ने कहा कि फ्लाईओवर परियोजनाओं को लेकर समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया गया तो सरकार के कार्यकाल के बाद इन परियोजनाओं के अधूरे रहने की आशंका भी बनी रह सकती है। उन्होंने सरकार से जनहित और शहर के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए पुनर्विचार करने की मांग की।

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