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    हिमाचल को झकझोरने वाली वारदात, 18 वर्षीय युवती पर जानलेवा हमला

    शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज अपराध का मामला सामने आया है। कुमारसेन उपमंडल के अंतर्गत नारकंडा क्षेत्र के झापुंडा में एक अस्थायी डेरे को निशाना बनाया गया। यहाँ अकेले रह रही एक 18 वर्षीय युवती पर बेरहमी से हमला कर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। घटना को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी मौके से फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।

    अंधेरे का फायदा उठाकर डेरे में घुसा अज्ञात हमलावर

    नारकंडा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, घटना रात करीब 11:30 बजे की है जब पीड़िता अपने अस्थायी डेरे में पूरी तरह अकेली थी। इसी दौरान एक अज्ञात बदमाश जबरन डेरे के भीतर घुस आया। उसने पहले युवती को जान से मारने की धमकी देकर डराया-धमकाया और फिर विरोध करने पर कुल्हाड़ी के पिछले हिस्से से उसकी दाहिनी कलाई पर जोरदार वार कर दिया। इस हमले में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसके बाद आरोपी ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।

    अंधेरे के कारण चेहरा नहीं देख सकी पीड़िता, नौकर से भी की मारपीट

    पीड़िता ने पुलिस को बताया कि रात के वक्त डेरे में गहरा अंधेरा होने के कारण वह हमलावर का चेहरा ठीक से नहीं देख सकी। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी वहाँ से भाग निकला। घटना के कुछ ही देर बाद जब पीड़िता के मामा का नौकर डेरे पर पहुँचा, तो उसने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया। नौकर ने बताया कि रास्ते में दो अज्ञात युवकों ने उसे रोककर उसके साथ भी लाठी-डंडों से मारपीट की थी। अगली सुबह जब पीड़िता के मामा वापस लौटे, तब जाकर इस पूरी खौफनाक वारदात की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।

    सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज, पुलिस की टीमें दे रही हैं दबिश

    मामले की गंभीरता को देखते हुए नारकंडा पुलिस चौकी की टीम तुरंत फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ घटनास्थल पर पहुँची और बारीकी से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता का आधिकारिक बयान दर्ज कर लिया है और उसका चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल एग्जामिनेशन) कराया जा रहा है।

    पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा:

    • 64(1) (दुष्कर्म)

    • 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुँचाना)

    • 351(2) (आपराधिक धमकी)

    • 329(4) (घर में जबरन घुसना)

    के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि संदिग्धों की धरपकड़ के लिए इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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