कार्यमुक्ति नोटिस से भड़का आक्रोश, रोजगार बहाली की मांग तेज
अलवर। मेडिकल कॉलेज में 25 कर्मचारियों को कार्यमुक्त किए जाने के विरोध में शनिवार को कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोजगार बहाल करने की मांग की और चेतावनी दी कि संतोषजनक समाधान नहीं मिलने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक नोटिस जारी कर कार्यमुक्त कर दिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि एक नोटिस देकर स्पष्ट रूप से कह दिया गया कि अगले दिन से ड्यूटी पर आने की आवश्यकता नहीं है। इस निर्णय से प्रभावित 25 कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें अचानक नौकरी से हटाया जाना अन्यायपूर्ण है।
इस दौरान अधिवक्ता सतवीर ने कर्मचारियों का समर्थन करते हुए कहा कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को एक नोटिस के आधार पर बाहर का रास्ता दिखाना उनके अधिकारों का हनन है। उन्होंने प्रशासन से निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की।
संविदा प्लेसमेंट कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष यश जोशी ने कहा कि कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द ही कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और संघर्ष किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कार्यमुक्ति आदेश वापस लेने तथा सभी प्रभावित कर्मचारियों को पुनः कार्य पर बहाल करने की मांग की है। फिलहाल कर्मचारियों का विरोध जारी है और सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
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