नई समिति के गठन से मंदिर विकास कार्यों को मिलेगी नई दिशा
अलवर। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने रविवार को अलवर स्थित महावर धर्मशाला में आयोजित श्री गोविंद देव जी महाराज मंदिर प्रबंध समिति के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह श्रद्धा, गरिमा और सामाजिक एकजुटता के माहौल में संपन्न हुआ।
राज्यमंत्री संजय शर्मा ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाएं समाज में एकता, संस्कार और सेवाभाव को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि अलवर शहर के हृदयस्थल में स्थित भगवान गोविंद देव जी महाराज का लगभग 170 वर्ष पुराना ऐतिहासिक मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई समिति मंदिर की परंपराओं, धार्मिक गतिविधियों तथा सामाजिक सरोकारों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि महावर समाज ने हमेशा सामाजिक समरसता, शिक्षा और जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने समाज के वरिष्ठजनों और युवाओं से संगठन को मजबूत बनाने तथा समाजहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
समारोह में भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक गुप्ता, विजय डाटा, बद्री प्रसाद दोषी, त्रिजोगी नारायण गुप्ता, सत्य विजय गुप्ता, कपिल गुप्ता, गायत्री डाटा, अंजलि गुप्ता, उषा गुप्ता, मधु गुप्ता, सागर यादव सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समिति के 15 सदस्यों ने ली शपथ
महावर धर्मशाला में आयोजित समारोह के दौरान प्रबंध समिति के कुल 15 सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। नवनियुक्त अध्यक्ष जय शिव गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रतनलाल गुप्ता, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्र गुप्ता, मंत्री प्रेमचंद गुप्ता, उपमंत्री सोमनाथ गुप्ता, कोषाध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता तथा अन्य कार्यकारिणी सदस्यों ने मंदिर और समाज के हित में कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के संयोजक कैलाश चंद्र गुप्ता ने बताया कि नई समिति का प्रमुख लक्ष्य मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना, श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा मंदिर परिसर के विकास कार्यों को गति देना है। उन्होंने कहा कि जिन व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्थित किया जाएगा।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। नई कार्यकारिणी के गठन से मंदिर के विकास कार्यों को नई दिशा मिलेगी तथा धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों का विस्तार होगा।
समारोह के अंत में सभी अतिथियों, समाजबंधुओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। उपस्थित लोगों ने नई समिति के सफल एवं जनहितकारी कार्यकाल की कामना की।
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