More
    Homeराज्ययूपीअपराध की नई कड़ी उजागर, हथियार तस्करों के गिरोह से जुड़े कई...

    अपराध की नई कड़ी उजागर, हथियार तस्करों के गिरोह से जुड़े कई सनसनीखेज राज

    वाराणसी: अपराध की दुनिया में पूर्वांचल का दखल कोई नया नहीं है, बल्कि 90 के दशक से ही इसका सिक्का चल रहा है। करीब चार दशकों तक मुंबई अंडरवर्ल्ड में होने वाली लगभग हर बड़ी वारदात के पीछे पूर्वांचल के शूटरों का नाम सामने आता रहा है। इतना ही नहीं, पिछले 15 वर्षों से उत्तर प्रदेश और बिहार से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों (नॉर्थ ईस्ट) तक हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के सिंडिकेट को चलाने में भी यहीं के अपराधियों का हाथ रहा है।

    पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तराखंड तक फैला संजाल

    पश्चिम बंगाल के बड़े राजनीतिक घटनाक्रमों में शामिल रहे चंद्रनाथ रथ हत्याकांड को भी पूर्वांचल के ही शूटरों ने अंजाम दिया था, जिसमें सीबीआई ने बलिया के राजकुमार सिंह, नवीन सिंह और गाजीपुर के विनय राय को दबोचा था। इस हत्या को बिहार और बलिया के अपराधियों ने मिलकर अंजाम दिया था।

    इसके अलावा, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में हुई किडनैपिंग और मर्डर की वारदातों में भी यहीं के गिरोह शामिल रहे हैं। अभी हाल ही में झारखंड में हुई एक बड़ी बैंक डकैती के सिलसिले में गोरखपुर, मऊ और गाजीपुर के बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। अक्सर मुंबई, सूरत और अहमदाबाद जैसे बड़े व्यापारिक शहरों में सनसनीखेज वारदातों को अंजाम देने के बाद ये अपराधी छिपने के लिए वापस यूपी का रुख करते हैं।

    मुंबई अंडरवर्ल्ड के चर्चित चेहरे

    अगर पिछले 40 सालों के इतिहास को टटोला जाए, तो मुंबई में खौफ का पर्याय बने कई बड़े चेहरे पूर्वांचल से ही निकले। इनमें से कई बाद में नेता बन गए, कुछ कंस्ट्रक्शन के बिजनेस में उतर गए, तो कइयों का एनकाउंटर हो गया। मायानगरी की लगभग हर बड़ी क्राइम हिस्ट्री में इनका नाम रहा है:

    • आजमगढ़ का रहने वाला अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम।

    • मनीषा कोइराला के सेक्रेटरी की हत्या के तार भी इसी इलाके से जुड़े थे।

    • ₹50,000 का इनामी बदमाश मनीष सिंह (जंसा), जो एक डॉक्टर से 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में वांटेड है, उसे और उसके एक साथी को वाराणसी और चंदौली पुलिस की मदद से मुंबई से ही दबोचा गया था।

    • बागपत जेल में मारा गया कुख्यात डॉन मुन्ना बजरंगी भी अक्टूबर 2009 में मुंबई के मलाड इलाके से ही पुलिस के हत्थे चढ़ा था।

    गैंगस्टर्स की आपसी रंजिश और श्रीप्रकाश शुक्ला का दौर

    झारखंड के जमशेदपुर के नामी गैंगस्टर और कारोबारी विक्रम शर्मा की कुछ समय पहले उत्तराखंड में सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में भी पूर्वांचल के शूटरों का हाथ होने के चलते उत्तराखंड पुलिस और एसटीएफ की टीमें इन जिलों में खाक छान रही थीं।

    वास्तव में, 90 के दशक में गोरखपुर के कुख्यात अपराधी श्रीप्रकाश शुक्ला के उभरने के बाद से देश भर के राज्यों में यहां के शूटरों की मांग बढ़ी। श्रीप्रकाश शुक्ला ने उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली-एनसीआर, बिहार, झारखंड और मुंबई में कई बड़ी वारदातों को अंजाम देकर सनसनी फैला दी थी।

    हवाला और अंतरराष्ट्रीय तस्करी तक फैले पैर

    बिहार से लेकर नॉर्थ ईस्ट तक वारदातों को अंजाम देने के बाद ज्यादातर अपराधी इसी इलाके के देहाती क्षेत्रों में छिप जाते हैं। ओडिशा से गांजे की खेप लाना, बिहारझारखंड से अवैध हथियारों की सप्लाई करना और नॉर्थ ईस्ट के रास्ते हवाला नेटवर्क चलाना इनके प्रमुख धंधे बन चुके हैं।

    यही नहीं, प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी का जाल तो पड़ोसी देश बांग्लादेश तक फैला हुआ है। वाराणसी समेत कई जिलों के तस्कर बांग्लादेश तक नशीली दवाओं की खेप भेज रहे हैं, जिसका खुलासा एसआईटी और नारकोटिक्स विभाग ने अपनी चार्जशीट में भी किया है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here