More
    Homeराजस्थानजयपुर"अजेय कुमार के हाथ में राजस्थान भाजपा की कमान: लंबे समय बाद...

    “अजेय कुमार के हाथ में राजस्थान भाजपा की कमान: लंबे समय बाद मिला नया ‘चाणक्य'”

    जयपुर। भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान में लंबे समय से रिक्त पड़े संगठन महामंत्री के पद पर नई तैनाती कर अपने सांगठनिक ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के दिशा-निर्देशानुसार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने अजेय कुमार को राजस्थान भाजपा के संगठन महामंत्री पद की कमान सौंपी है।

    ढाई साल के लंबे इंतजार के बाद हुई स्थायी नियुक्ति

    राजस्थान में संगठन का यह बेहद महत्वपूर्ण पद जनवरी 2024 से लगातार खाली चल रहा था। उस समय तत्कालीन संगठन महामंत्री चंद्रशेखर का स्थानांतरण तेलंगाना कर दिया गया था, जिसके बाद से प्रदेश भाजपा बिना किसी पूर्णकालिक संगठन महामंत्री के ही अपनी गतिविधियां चला रही थी। करीब ढाई साल के लंबे अंतराल के बाद इस पद पर हुई अजेय कुमार की नियुक्ति को राज्य की आगामी सियासी और सांगठनिक रणनीतियों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

    उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में साबित कर चुके हैं लोहा

    मूल रूप से बिहार के रहने वाले अजेय कुमार को सांगठनिक कार्यों और जमीनी राजनीति का एक लंबा तथा गहरा अनुभव है। वे साल 2019 से लेकर 2026 तक उत्तराखंड भाजपा में प्रदेश महामंत्री (संगठन) के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके कार्यकाल में वहां सत्ता और संगठन के बीच अद्भुत सामंजस्य देखने को मिला था। उत्तराखंड से पहले वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ क्षेत्र में भी इसी जिम्मेदारी को संभाल चुके हैं, जहां उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन का विस्तार करने और कार्यकर्ताओं को मुख्यधारा से जोड़ने में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई थी।

    राजस्थान में समन्वय और नई रणनीति पर रहेगा जोर

    बीजेपी के आंतरिक सूत्रों के मुताबिक, अजेय कुमार को चुनावी प्रबंधन, सदस्यता अभियान और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंकने का विशेषज्ञ माना जाता है। राजस्थान में उनकी एंट्री ऐसे मोड़ पर हुई है जब पार्टी नए सांगठनिक विस्तार और भविष्य की चुनावी चुनौतियों का रोडमैप तैयार कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अजेय कुमार का यह व्यापक अनुभव राजस्थान में न केवल संगठन को एक नई धार देगा, बल्कि सरकार और पार्टी के बीच भी बेहतर तालमेल स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here