बैठक में वंदे गंगा अभियान के तहत जल संरक्षण गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर
अलवर। जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान, जल संरक्षण जन भागीदारी अभियान एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (नरेगा) के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिला कलक्टर ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार वर्षा जल की बूंद-बूंद को सहेजने और जल स्रोतों के संरक्षण के उद्देश्य से 5 जून तक संचालित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान को जनआंदोलन के रूप में संचालित किया जाए। उन्होंने जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय के वार्डों में प्रतिदिन अधिकाधिक जल संरक्षण गतिविधियां आयोजित कराने के निर्देश दिए।
गांव-गांव में हों जल संरक्षण गतिविधियां
डॉ. आर्तिका शुक्ला ने कहा कि अभियान के तहत जलाशयों, नालों एवं जल बहाव क्षेत्रों की साफ-सफाई, पौधारोपण के लिए गड्ढों की खुदाई, मरम्मत एवं अन्य संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही आमजन की सहभागिता सुनिश्चित कर जल संरक्षण के प्रति जागरूकता कार्यक्रम भी व्यापक स्तर पर आयोजित किए जाएं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और प्रत्येक गांव व शहरी वार्ड में जनसहभागिता के साथ गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन हो।
जन भागीदारी अभियान के कार्य समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश
जल संरक्षण जन भागीदारी अभियान की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि स्वीकृत सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभाग के लंबित कार्यों को आगामी सात दिनों में पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि अभियान के उद्देश्यों की प्रभावी पूर्ति हो सके।
नरेगा कार्यों में जल संचयन संरचनाओं को प्राथमिकता
नरेगा कार्यों की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में सक्रिय जॉब कार्ड धारकों में से कम से कम 80 प्रतिशत श्रमिकों को नरेगा कार्यों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि नियमित विकास कार्यों के साथ-साथ जल संरक्षण एवं जल संचयन संरचनाओं के जीर्णोद्धार और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने अधिकारियों को नरेगा कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए सभी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए।
प्रभावी मॉनिटरिंग पर दिया जोर
जिला कलक्टर ने एडीएम द्वितीय बीना महावर को सभी कार्यों की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय सीमा में कार्यों को पूर्ण कराया जाए।
बैठक में एडीएम द्वितीय श्रीमती बीना महावर, वाटरशेड विभाग के अधीक्षण अभियंता नरेन्द्र मोथू, सीडीईओ महेश मेहता, मनरेगा के अधिशासी अभियंता नरेन्द्र लाखीवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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