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    सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई, हत्या की साजिश रचने के आरोप में युवक गिरफ्तार

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इन दिनों आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) की ताबड़तोड़ कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। पिछले एक महीने के दौरान एटीएस ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इसी कड़ी में, एटीएस ने आजमगढ़ से एक युवक को गिरफ्तार कर एक बहुत बड़े आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, पकड़ा गया आरोपी पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं और कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क के सीधे संपर्क में था। उस पर एक हिंदूवादी महिला नेता को निशाना बनाने और उनकी हत्या करने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई थी।

    सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और उससे जुड़े संगठन सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं को अपना शिकार बना रहे हैं। पहले युवाओं से ऑनलाइन दोस्ती की जाती है, फिर धीरे-धीरे उन्हें कट्टरपंथ की दलदल में धकेल दिया जाता है। गिरफ्तार युवक भी इसी तरह फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए इस खतरनाक नेटवर्क के जाल में फंसा था।

    वफादारी साबित करने के लिए मिला था 'ट्रायल मिशन'

    जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि आरोपी को शुरुआत में एक 'ट्रायल मिशन' सौंपा गया था। इस मिशन के तहत उसे एक हिंदूवादी महिला नेता को डराने-धमकाने और बाद में उनकी हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए तैयार किया जा रहा था। एटीएस का कहना है कि आतंकी नेटवर्क की तरफ से यह काम युवक के लिए अपनी वफादारी साबित करने का पहला बड़ा इम्तिहान था, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।

    छापेमारी में पिस्टल, कारतूस और संदिग्ध चैट बरामद

    एटीएस ने जब आरोपी के ठिकाने पर छापेमारी की, तो उसके पास से कई आपत्तिजनक चीजें बरामद हुईं:

    • एक 9 एमएम की अवैध पिस्टल और जिंदा कारतूस

    • संदिग्ध मोबाइल फोन, जिसमें विदेशी नंबरों के संपर्क मौजूद हैं

    • सोशल मीडिया अकाउंट्स और व्हाट्सएप पर चैट और वीडियो रिकॉर्ड्स

    जांच एजेंसियां अब उसके फोन के कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया डेटा को खंगाल रही हैं, जिससे कई विदेशी नंबरों और संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन के संकेत मिले हैं।

    'स्लीपर सेल' के एंगल से हो रही है जांच

    एटीएस को पूरा शक है कि आरोपी इस साजिश में अकेला नहीं था। जांच अब इस बात पर टिकी है कि इलाके में उसके संपर्क में और कौन-कौन से लोग थे। क्या वह अपने साथ अन्य स्थानीय युवाओं को भी इस नेटवर्क से जोड़कर 'स्लीपर सेल' तैयार करने की कोशिश कर रहा था?

    कानूनी कार्रवाई: सुरक्षा एजेंसियों ने पकड़े गए आरोपी के खिलाफ कड़े आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए (UAPA), आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अब एटीएस उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी, ताकि टेरर फंडिंग (आतंकी पैसों) और भारत में छिपे उसके अन्य साथियों का पर्दाफाश किया जा सके।

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